अलवर. सरिस्का की वादियों में स्थित पांडुपोल हनुमान मंदिर में हनुमान जयंती को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। हर वर्ष की तरह इस बार भी यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। महाभारत कालीन आस्था से जुड़े इस मंदिर में लेटी हुई हनुमान प्रतिमा के दर्शन के लिए दूर-दूर से श्रद्धालु […]
अलवर. सरिस्का की वादियों में स्थित पांडुपोल हनुमान मंदिर में हनुमान जयंती को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। हर वर्ष की तरह इस बार भी यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है।
महाभारत कालीन आस्था से जुड़े इस मंदिर में लेटी हुई हनुमान प्रतिमा के दर्शन के लिए दूर-दूर से श्रद्धालु आते हैं। पूरे दिन मंदिर परिसर और सरिस्का की पहाड़ियों में जयकारों से वातावरण भक्तिमय बना रहता है।
मंदिर महंत बाबूलाल शर्मा ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मंदिर परिसर में ठंडाई, मीठे व सादे जल के प्याऊ लगाए जाएंगे और भंडारे का आयोजन किया जाएगा। 24 घंटे का अखंड रामायण पाठ शुरू कर दिया गया है। मंदिर को गुब्बारों और आकर्षक सजावट से सजाया गया है। हनुमान प्रतिमा का विशेष श्रृंगार किया जाएगा, जिसमें दिल्ली से मंगाए गए गेंदा, गुलाब और मोगरा के फूलों का उपयोग होगा। रात में भजन-कीर्तन का आयोजन भी होगा।
महंत चेतन शर्मा ने बताया कि सभी तैयारियां समिति की देखरेख में की जा रही हैं, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। राजस्थान सहित दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए पहुंचते हैं।
आवागमन व्यवस्था
हनुमान जयंती पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सरिस्का के सदर गेट और टहला गेट से प्रवेश की व्यवस्था रहेगी। सुबह से ही दोनों गेट खोल दिए जाएंगे। डीएफओ अभिमन्यु सहारण ने बताया कि पूर्णिमा पर सदर और टहला गेट श्रद्धालुओं के लिए खुले रहते हैं।