बानसूर नगरपालिका क्षेत्र में पिछले एक सप्ताह से सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। अपनी वेतन बढ़ोतरी की मांग को लेकर सफाईकर्मी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं, जिसका सीधा असर अब कस्बे की सूरत पर दिखने लगा है।
बानसूर नगरपालिका क्षेत्र में पिछले एक सप्ताह से सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। अपनी वेतन बढ़ोतरी की मांग को लेकर सफाईकर्मी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं, जिसका सीधा असर अब कस्बे की सूरत पर दिखने लगा है। मुख्य बाजारों से लेकर गलियों तक कचरे के अंबार लग चुके हैं, जिससे न केवल आमजन का जीना मुहाल हो गया है, बल्कि व्यापारियों का धंधा भी चौपट होने की कगार पर पहुंच गया है।
हड़ताल के कारण कस्बे में सफाई व्यवस्था ठप होने से उपजे आक्रोश के बीच सोमवार को व्यापारियों का सब्र टूट गया। बड़ी संख्या में व्यापारियों ने एकजुट होकर उपखंड कार्यालय कूच किया और उपखंड अधिकारी (SDM) अनुराग हरित को ज्ञापन सौंपकर जल्द से जल्द समाधान निकालने की मांग की। व्यापारियों का कहना है कि सात दिनों से सफाई न होने के कारण दुकानों के सामने कचरा सड़ रहा है, जिससे उठने वाली असहनीय बदबू ने बैठना मुश्किल कर दिया है। गंदगी के कारण ग्राहकों ने बाजारों से दूरी बना ली है, जिससे व्यापारिक गतिविधियां बुरी तरह प्रभावित हो रही हैं।
व्यापारियों ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि अगले कुछ दिनों में सफाई व्यवस्था बहाल नहीं की गई और कचरे के ढेरों को नहीं हटाया गया, तो वे अपने व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद कर बड़े आंदोलन को मजबूर होंगे। स्थानीय नागरिकों ने भी इस स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की है। कस्बेवासियों का कहना है कि भीषण गर्मी के इस मौसम में सड़ता हुआ कचरा बीमारियों को न्योता दे रहा है। यदि प्रशासन ने समय रहते हस्तक्षेप नहीं किया, तो कस्बे में संक्रामक बीमारियां फैलने का खतरा बढ़ सकता है।
दूसरी ओर, सफाईकर्मी अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं। उनका कहना है कि लंबे समय से वेतन वृद्धि की मांग की जा रही है, लेकिन प्रशासन की ओर से केवल आश्वासन ही मिले हैं। जब तक उनकी जायज मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक वे काम पर नहीं लौटेंगे। फिलहाल, नगरपालिका प्रशासन और हड़ताली कर्मियों के बीच गतिरोध बरकरार है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन व्यापारियों के अल्टीमेटम और आमजन की बढ़ती मुश्किलों को देखते हुए क्या बीच का रास्ता निकाल पाता है।