Silent Killer Heart Attack : भागदौड़ भरी जिंदगी, बढ़ता मानसिक तनाव और असंयमित दिनचर्या अब जानलेवा साबित होने लगी है। जिले में अचानक होने वाली मौतें लगातार चिंता का कारण बन रही हैं।
अलवर। भागदौड़ भरी जिंदगी, बढ़ता मानसिक तनाव और असंयमित दिनचर्या अब जानलेवा साबित होने लगी है। जिले में अचानक होने वाली मौतें लगातार चिंता का कारण बन रही हैं। जिला अस्पताल में पिछले एक साल के दौरान हुए पोस्टमार्टम में 36 लोगों की मौत का कारण अचानक हृदयघात (हार्ट अटैक) सामने आया है। विशेषज्ञों के अनुसार खानपान, दिनचर्या और लाइफस्टाइल में आए बदलावों के चलते ऐसे मामलों में लगातार इजाफा हो रहा है।
अधिकांश मामलों में सामान्य रूप से स्वस्थ दिखने वाले व्यक्ति की घर या कार्यस्थल पर अचानक तबीयत बिगड़ती है। परिजन या सहकर्मी उन्हें इलाज के लिए अस्पताल लेकर पहुंचते हैं, लेकिन कई बार अस्पताल पहुंचने से पहले ही मौत हो जाती है। बाद में पोस्टमार्टम जांच में हार्ट अटैक को मौत का कारण बताया जाता है।
साल 2025 में जिला अस्पताल में कुल 498 पोस्टमार्टम किए गए। इनमें 160 मौतें सड़क दुर्घटनाओं के कारण हुई, जबकि 36 मामलों में हार्ट अटैक से मृत्यु की पुष्टि हुई। यह आंकड़े अचानक मौतों की गंभीरता को साफ तौर पर उजागर करते हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार हार्ट अटैक से मरने वालों में अधिकांश पुरुष हैं और वे मोटापे से ग्रसित पाए गए। चिंताजनक तथ्य यह भी है कि इनमें 20 वर्ष से कम उम्र के 2 युवक और 30 वर्ष से कम उम्र के करीब 4-5 युवक शामिल हैं, जो बताता है कि यह खतरा अब केवल बुजुर्गों तक सीमित नहीं रहा।
शिवाजी पार्क थाना क्षेत्र में रह रहे डिफेंस रिसर्च एंड डवलपमेंट ऑर्गनाइजेशन (डीआरडीओ) के जॉइंट डायरेक्टर आदित्य वर्मा (31) सुबह फ्रेश होने के लिए बाथरूम में गए थे। काफी देर तक बाहर नहीं आने पर उन्हें आवाज दी, तो अंदर से कोई आवाज नहीं आई। जिसके बाद बाथरूम को गेट तोड़कर देखा, तो आदित्य फर्श पर अचेत पड़े हुए थे। परिजन उन्हें सामान्य अस्पताल लेकर आए। जहां चिकित्सकों ने आदित्य को मृत घोषित कर दिया। घटना के दो दिन पहले ही आदित्य की शादी हुई थी।
निवासी पुणे अमरनाथ यात्रा से लौट रहे थे। इस दौरान वे पूजा एक्सप्रेस ट्रेन से अलवर होकर जयपुर जा रहे थे। रास्ते में सुबह 7 बजे ट्रेन के अलवर जंक्शन पर रुकने के दौरान टॉयलेट जा रहे थे, तभी अचानक उनके सीने में दर्द और उल्टियां होने के बाद वे चक्कर खाकर गिर गए। जिन्हें सहयात्रियों सहित अन्य लोगों की मदद से ट्रेन से उतारकर सामान्य अस्पताल ले जाया गया। जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
हार्ट अटैक से अचानक मौत के मामले शहरी क्षेत्रों में अधिक सामने आए हैं। इनमें भी अलवर शहर के कोतवाली थाना क्षेत्र में ऐसे केस सबसे ज्यादा हैं। इसके अलावा शिवाजी पार्क थाना क्षेत्र और अरावली विहार इलाके से भी बड़ी संख्या में ऐसे मामले दर्ज हुए हैं।
वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. महिपाल सिंह ने बताया कि सर्दी के मौसम में सुबह बहुत जल्दी टहलने या ठंड में बाहर निकलने से बचना चाहिए। अधिक नमक और चिकनाई वाले भोजन का सेवन नहीं करना चाहिए। समय-समय पर रक्तचाप की जांच कराते रहना जरूरी है। कोलेस्ट्रॉल का स्तर नहीं बढ़ने देना चाहिए। वहीं, बचाव के लिए सर्दी के मौसम में अर्जुनत्वक चूर्ण का क्षीर पाक विधि से दिन में दो बार सेवन किया जा सकता है।
लहसुन का सेवन अधिक करें। मधुमेह को नियंत्रण में रखें। रोग की गंभीरता के अनुसार चिकित्सकीय औषधियों का सेवन करें। इसके अलावा तनाव को नियंत्रित रखना भी जरूरी है। इसके लिए प्राणायाम और ध्यान करें। सर्दी में गर्म कपड़े पहनकर टहलें और मानसिक तनाव कम रखें। यदि सीने में दर्द बाएं हाथ तक फैलता हो या छाती में जकड़न महसूस हो, तो तुरंत चिकित्सक से परामर्श लें।
पिछले साल 36 ऐसे मृतकों का पोस्टमार्टम हुआ, जिनकी अचानक तबीयत बिगड़ी और अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सक ने मृत घोषित कर दिए। इनमें अधिकांश मृतक 30 से 50 वर्ष की उम्र के थे। पोस्टमार्टम परीक्षण में प्रथम दृष्ट्या मृत्यु अचानक हार्ट अटैक से होना पाया गया। जिसका मुख्य कारण स्ट्रेस, अनियमित दिनचर्या व खानपान हो सकता है।
डॉ. पीसी सैनी, वरिष्ठ विशेषज्ञ, फोरेंसिक मेडिसिन, जिला अस्पताल