सार्थक प्रयासों व जनसहयोग से किसी भी स्कूल की तस्वीर बदली जा सकती है। इसका उदाहरण है राजकीय आदर्श उच्च माध्यमिक विद्यालय काठूवास।
सार्थक प्रयासों व जनसहयोग से किसी भी स्कूल की तस्वीर बदली जा सकती है। इसका उदाहरण है राजकीय आदर्श उच्च माध्यमिक विद्यालय काठूवास। यहां कार्यरत इतिहास विभाग के व्याख्याता अरुण कुमार यादव ने स्कूल की तस्वीर बदलने के लिए पहल की और इसमें उन्हें प्रधानाध्यापक, स्टाफ के अन्य व ग्रामीणों का भरपूर सहयोग मिला।
अरुण कुमार ने पर्यावरण संरक्षण की पहल करते हुए स्कूल परिसर में सैकड़ों पेड़ लगाने में अहम भूमिका निभाई।
अरुण व विद्यालय के प्रधानाचार्य सत्यवीर यादव ने भामाशाहों को स्कूल में विकास कार्यों के लिए प्रेरित कर बच्चों के लिए परिवहन व्यवस्था कराई। इसके अलावा 15 अगस्त के पर्व पर जनसहयोग से स्कूल में फर्नीचर और रंगरोगन के लिए दो लाख एकत्र हुए।
इसके अलावा तीन लाख रुपए नकद प्राप्त हुए। इस कार्य में स्टाफ के अन्य सदस्यों ने भी भरपूर सहयोग किया। अरुण कुमार को 2011 में मण्डल स्तर पर व 2012 में राज्य स्तर पर सम्मानित हो चुके हैं।
काठुवास के राजकीय आदर्श उच्च माध्यमिक विद्यालय के प्रधानाचार्य सत्यवीर सिंह यादव ने बताया कि स्कूल के व्याख्याता अरुण कुमार यादव ने छात्रों,अभिभावकों व भामाशाहों के लिये आदर्श शिक्षक के रूप में अलग पहचान बनाई है। वे हमेशा विद्यालय के सर्वांगीण विकास के लिये पूरी तरह समर्पित रहते है। उन्हें मिले इस सम्मान से अन्य साथी अध्यापकों को भी प्रेरणा मिलेगी।
बाबूलाल मेहरा प्रधानाचार्य राउमावि रायसराणा नीमराणा ने बताया कि राजेंद्र प्रसाद यादव में शिक्षा के प्रति किसी भी जरूरत की कमी पर कुछ करने का गजब का जुनून है। वह खुद स्वयं की जेब से खर्च करने से भी नहीं हिचकते।
इन्होंने वास्तव में बालिका मिडिल स्कूल से लेकर अब राउमा विद्यालय में मर्ज होने के बाद भी चाहे वो बच्चों के नामांकन बढ़ाने का मुद्दा हो और चाहे बच्चों को कॉपी किताब या ड्रेस व अतिरिक्त क्लास लेने का काम किसी भी काम में हिचकते नहीं।