
अलवर. आए दिन रात्रि को चेन स्नैचिंग, चोरी व लूट की घटनाएं होने के बावजूद अलवर शहर घुप अंधेरे में है। करीब 26 हजार में से आठ से 10 हजार रोडलाइट बन्द पड़ी हैं। इसके बावजूद रोडलाइट कम्पनी की देखरेख करने वाली कम्पनी को शिकायत का इन्तजार है। बिना शिकायत के रोडलाइट सही नहीं कर रहे हैं। न कम्पनी पर कोई जुर्माना लगता है। शहर की रोडलाइट्स का जिम्मा वैसे तो नगर परिषद के पास है लेकिन पिछली बार जब एलईडी लाइट लगाई गई तो ईईसीएल कम्पनी के साथ अजीब शर्तों पर सरकार के स्तर पर एमओयू कर जिसमें यह भी है कि बिना शिकायत के कम्पनी रोडलाइट को सही मानती है।
शिकायत दर्ज कराने के 48 घण्टे बाद भी लाइट सही नहीं होने पर जुर्माना लगाने का प्रावधान है। असलियत यह है कि शहर में हजारों लाइट खराब हैं जिनकी कोई शिकायत नहीं कर रहा है। कम्पनी न लाइट ठीक करती है न जुर्माना लगने का डर रहता है। ऐसे में किसी तरह का दबाव ही नहीं है।
तूफान में खराब लाइट अब तक ठीक नहीं
तूफान में खराब हुई रोडलाइट अभी तक ठीक नहीं हो सकी है। कई जगहों से तो रोडलाइट ही उड़ गई थी। जिसे लेकर कम्पनी के प्रतिनिधि मस्त हैं। नगर परिषद कम्पनी के कर्मचारियों का मुंह ताक रहे हंै। अब आपस में बातचीत हुई तो सामने आया कि परिषद, कम्पनी व लोगों की सहमति से पुलिस में रोडलाइट खराब होने या उडऩे का मामला दर्ज कराए। तब आगे लाइट दुबारा से लगाने की प्रक्रिया शुरू हो। कम्पनी को मामला दर्ज होने के बाद ही बीमा का लाभ मिल सकेगा।
शिकायत भी अलग-अलग करो
किसी एक रोड पर 50 लाइट खराब हैं तो सबकी अलग-अलग शिकायत दर्ज करानी होगी तभी उनकी सुनवाई होगी। शिकायत में रोडलाइट का पता भी दर्ज कराना होगा। वरना कम्पनी पर रोडलाइट ठीक करने का दबाव भी नहीं रहता। कम्पनी के प्रतिनिधि कहते हैं कि 18001803580 टोल फ्री नम्बर पर शिकायत दर्ज कराएं।
नहीं लगता नम्बर
पार्षदों का कहना है कि टोल फ्री नम्बर लगता ही नहीं है। बिजली समिति के अध्यक्ष राजेश तिवाड़ी भी इससे सहमत हैं। उनका कहना है कि कम्पनी के साथ एमओयू सही नहीं किया जिससे दिक्कतें आ रही हैं।