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जिला प्रशासन की ओर आपदा प्रबंधन के तहत आपतकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए शुक्रवार को क्रॉस पॉइन्ट मॉल अलवर में सुरक्षाकर्मियों एवं विभागीय अधिकारी व कार्मिकों का मॉक ड्रिल का प्रशिक्षण आयोजित किया गया। इससे पहले पूरे जिले में यह बात फैल गई कि अलवर में आतंकवादी आ गए हैं जिससे हडकंप मच गया।
जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी ने बताया कि आपातकालीन परिस्थितियों में आतंकी घटना व आगजनी सहित अन्य समस्याओं से निपटने के लिए मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया जिसके तहत कंट्रोल रूम से संबंधित राहत दलों एवं अधिकारी को त्वरित सूचना प्रसारित की गई। जिस पर पुलिस अधीक्षक अलवर तेजस्वनी गौतम सहित प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने राहत एवं बचाव कार्य के मौके दिशा-निर्देश दिये। अग्निशमन दल, चिकित्सा दल, राजस्थान पुलिस, सिविल डिफेन्स के जवानों ने तुरन्त मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य प्रारम्भ किया।
जिला कलक्टर ने क्रॉस पॉइन्ट मॉल का फायर अलार्म सिस्टम, हाइड्रेंट सिस्टम, स्प्रिंकलर सिस्टम एवं पानी की पाइन लाइन आदि मौके पर चालू कराकर जांच कराई जिसमें स्मोक डिटेक्शन सिस्टम, हाइड्रेंट सिस्टम, स्प्रिंकलर सिस्टम पूर्ण रूप से चालू नहीं पाए गए। इसी प्रकार आपातकालीन पानी के टैंक में पूरा पानी नहीं होने से प्रोपर पानी का प्रेशर नहीं मिला। इस पर क्रॉस पॉइन्ट मॉल संचालक ने बताया कि पाइप लाइन आदि का मरम्मत कार्य चलने की वजह से उक्त सिस्टम पूर्ण क्षमता से संचालित नहीं है इनको दुरूस्त कराया जा रहा है। जिला कलक्टर ने मॉल संचालक को निर्देशित किया कि सुनिश्चित करें कि निर्धारित गाइडलाइन के अनुरूप सभी सुरक्षा उपकरण पूर्ण क्षमता के साथ संचालित रहे। उन्होंने एडीएम प्रथम, द्वितीय व शहर को निर्देश दिए कि समय-समय पर मॉल की औचक जांच करे। सुरक्षा उपकरण मापदंडों के अनुरूप संचालित हो। व्यवस्थाओं में सुधार नहीं पाया जाए तो सख्त कार्रवाई अमल में लाए।
इस दौरान सीईओ जिला परिषद डॉ. अर्तिका शुक्ला, यूआईटी सचिव डॉ. मंजू, अतिरिक्त जिला कलक्टर प्रथम अखिलेश कुमार पिपल, अतिरिक्त जिला कलक्टर द्वितीय वंदना खोरवाल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मुख्यालय सरिता सिंह, उपखण्ड अधिकारी अलवर प्यारेलाल सोठवाल, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, नगर परिषद, होमगार्ड, आपदा प्रबंधन अधिकारी एवं राहत एवं बचाव दल से जुडे कार्मिक उपस्थित थे।