बोरिंग मशीन लगाने के बहाने काटा जा रहा है पीपल का हरा पेड़
अलवर. पर्यावरण को हरा भरा बनाने के लिए प्रशासन जहां पौधरोपण के लिए लोगों को जागरूक कर रहा है वहीं जिले के मुण्डावर कस्बा स्थित ग्राम पंचायत परिसर में करीब तीस साल पहले लगाए गए पीपल के पेड़ की धड़ल्ले से कटाई हो रही है मगर इस ओर ध्यान देने वाला कोई नहीं है।
ग्राम पंचायत परिसर में करीब 30 साल पहले पीपल का पेड़ लगाया गया था, हर साल बिना अनुमति के चोरी छिपे कई पेड़ काट दिए जाते हैं, वहीं ग्राम पंचायत परिसर में पेयजल के लिए कराई जा रही बोरिंग मशीन को लगाने के बहाने, यहीं पर लगे पीपल के हरे पेड़ को काटना शुरू कर दिया, जबकि पेड़ों की कटाई अवैध और इसके लिए उपखण्ड प्रशासन या जिला प्रशासन से अनुमति लिए जाने का प्रावधान है मगर ग्रामीण हर साल इस नियम की अनदेखी करते हैं और इसके चलते पेड़ों की संख्या घट रही है, वहीं ऐसे में जब ग्राम पंचायत ही बिना अनुमति के हरे पेड़ काटेगी तो आमजन में क्या संदेश जाएगा।
इधर, ग्राम विकास अधिकारी मुकेश तंवर का कहना है कि पेयजल के लिए लगाई जा रही बोरिंग मशीन के लिए पेड़ की टहनियां काटने के लिए तहसीलदार मुण्डावर से अनुमति ली गई थी, इसी के तहत काटे गए हैं। तहसीलदार रोहिताश पारीक का कहना है कि ग्राम विकास अधिकारी मुण्डावर द्वारा करीब डेढ़ माह पूर्व पेयजल संबंधी कार्य के लिए हरे पीपल के पेड़ की टहनियों को काटने की अनुमति मांगी थी, यह अनुमति पत्र भी खत्म हो चुकी है, ग्राम पंचायत को पुन: अनुमति लेकर काटनी चाहिए थी। इधर, एसडीएम रामसिंह राजावत का कहना है कि इस संबंध में मुझे कोई जानकारी नहीं है, इस तरह हरे पेड़ को काटना बिल्कुल गलत है।