अलवर

भाजपा-कांग्रेस का बिगड़ सकता है गणित

गत विधानसभा चुनाव में तीसरा मोर्चा व निर्दलीयों के खाते में गए थे 35% वोट
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Nov 27, 2023
भाजपा-कांग्रेस का बिगड़ सकता है गणित
भाजपा-कांग्रेस का बिगड़ सकता है गणित

विधानसभा चुनाव-2023 में अलवर जिले कई सीटों पर रोमांचक मुकाबले की उम्मीद है। तीसरा मोर्चा और निर्दलीय प्रत्याशी मिलकर कई सीटों पर भाजपा और कांग्रेस के वोटों का गणित बिगाड़ सकते हैं। पिछले विधानसभा चुनाव के आंकड़ों को देखें तो करीब 35 फीसदी वोट तीसरा मोर्चा के दल और निर्दलीय प्रत्याशियों के खातों में गया था। विधानसभा चुनाव-2018 में अलवर जिले की 11 विधानसभा सीटों पर 18 लाख 53 हजार 27 मतदाताओं ने मताधिकार का इस्तेमाल किया था। जिसमें सबसे ज्यादा 6 लाख 2 हजार 743 वोट कांग्रेस को मिले थे। भाजपा के खाते में 5 लाख 91 हजार 54 वोट गए। बसपा 2 लाख 91 हजार, सीपीआई 738 तथा अन्य दल 91 हजार 241 वोट कब्जाने में सफल रहे। वहीं, निर्दलीय प्रत्याशियों ने 2 लाख 64 हजार 498 वोट लिए थे। 18 लाख 53 हजार 27 में से तीसरा मोर्चा और निर्दलीय प्रत्याशियों ने 6 लाख 47 हजार 653 वोट अर्जित किए, जो कि कुल मतदान का 34.95 प्रतिशत था। इसके अलावा 11 हजार 577 वोट नोटा को गए।

चार सीटों पर दर्ज की थी जीत : पिछले विधानसभा चुनाव में अलवर जिले में बसपा और निर्दलीय प्रत्याशियों का जादू खूब चला। जिले की 11 में से 4 सीटें बसपा और निर्दलीय प्रत्याशियों के खाते में गई। तिजारा और किशनगढ़बास से बसपा प्रत्याशी विजयी रहे। वहीं, बहरोड़ और थानागाजी में निर्दलीय प्रत्याशियों ने जीत दर्ज की।

इस बार भी मजबूती से ताल ठोकीअलवर जिले में तीसरा मोर्चा के दल और निर्दलीय प्रत्याशियों ने इस बार भी मजबूती से ताल ठोकी है। बसपा ने 10, आप ने 8 और आसपा ने 5 सीटों पर प्रत्याशी उतारे हैं। बहरोड़, बानसूर, किशनगढ़बास, रामगढ़ और थानागाजी सीट पर तीसरा मोर्चा और निर्दलीय प्रत्याशी प्रमुख राजनीतिक दल भाजपा और कांग्रेस प्रत्याशियों को टक्कर देते नजर आ रहे हैं।

Published on:
27 Nov 2023 12:07 pm