वित्तीय वर्ष 2025-26 के समापन में अब केवल पांच दिन शेष बचे हैं, जिसे देखते हुए परिवहन विभाग ने राजस्व वसूली के लिए अपने सघन अभियान में तेजी ला दी है।
वित्तीय वर्ष 2025-26 के समापन में अब केवल पांच दिन शेष बचे हैं, जिसे देखते हुए परिवहन विभाग ने राजस्व वसूली के लिए अपने सघन अभियान में तेजी ला दी है। अलवर जिले के कुल 5454 भार वाहनों में से अब तक 3666 वाहनों ने अपना कर जमा करा दिया है, लेकिन 1788 वाहन मालिक अभी भी बकायादारों की श्रेणी में शामिल हैं।
विभाग का लक्ष्य आगामी पांच दिनों के भीतर इन सभी शेष वाहनों से कर वसूलना है। जिला परिवहन अधिकारी सविता भारद्वाज ने इस संबंध में स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि जो वाहन स्वामी समय सीमा के भीतर अपना बकाया जमा नहीं कराएंगे, उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
कर अदायगी में देरी करने वाले वाहन स्वामियों पर पेनल्टी की मार भी पड़ना शुरू हो गई है। विभागीय नियमों के अनुसार 15 मार्च के बाद से ही बकाया कर पर 1.5 प्रतिशत की दर से पेनल्टी वसूली जा रही है, जो 31 मार्च की समय सीमा समाप्त होते ही 1 अप्रैल से बढ़कर 3 प्रतिशत हो जाएगी। विभाग के पास राजस्व का एक बड़ा हिस्सा लंबित चालानों के रूप में भी अटका हुआ है।
आंकड़ों के अनुसार दिसंबर 2025 तक लगभग 27,000 चालान लंबित हैं, जिनसे विभाग को करीब 16 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त होने की उम्मीद है। इसके अलावा पिछले वर्षों का कर जमा न करने वाले 304 भार वाहनों पर 2.70 करोड़ और 40 यात्री वाहनों पर लगभग 35 लाख रुपये का कर अभी भी बकाया चल रहा है।
सबसे बड़ी चुनौती खनिज विभाग से प्राप्त ओवरलोड ई-रवन्ना प्रकरणों की वसूली को लेकर है। वर्तमान में 8092 वाहनों से करीब 40.17 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि वसूल की जानी बाकी है। इन वाहन स्वामियों को आईटीएमएस पोर्टल के माध्यम से नोटिस जारी कर 15 दिन की मोहलत दी गई थी, जिसकी अवधि समाप्त होते ही अब पोर्टल द्वारा स्वतः ही ई-चालान जारी किए जा रहे हैं।
इसकी सीधी सूचना वाहन मालिकों के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर भेजी जा रही है। हालांकि, सरकार ने राहत देते हुए एमनेस्टी योजना के अंतर्गत ई-रवन्ना प्रकरणों पर देय जुर्माना राशि में छूट प्रदान की है, लेकिन इसके बावजूद राशि जमा न कराने पर वाहनों के पंजीकरण प्रमाण पत्र (RC) को निलंबित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
परिवहन विभाग ने अपनी कार्रवाई के दौरान अब तक 18 बसों के चालान बनाकर उन्हें सील कर दिया है, जबकि 93 भार वाहनों के चालान काटकर 54 वाहनों को सीज किया गया है। इतना ही नहीं, जिले की विभिन्न औद्योगिक इकाइयों में बिना टैक्स चुकाए संचालित हो रहे 18 क्रेन और फोर्कलिफ्ट जैसे वाहनों को भी विभाग ने सील कर दिया है। विभाग ने सभी बकायादारों को सख्त चेतावनी दी है कि वे अंतिम तिथि का इंतजार किए बिना अपना कर जमा करा दें, ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय कार्रवाई या भारी जुर्माने से बचा जा सके।