गोविंदगढ़. कस्बे में गैस उपभोक्ताओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। करीब 900 कनेक्शन वाले क्षेत्र में 7 मार्च के बाद 28 मार्च को गैस सिलेंडर की गाड़ी पहुंची, यानी पूरे 20 दिन बाद। गाड़ी की सूचना मिलते ही उपभोक्ताओं की लंबी कतारें लग गईं और पुलिस की निगरानी में वितरण कराया गया। गैस […]
गोविंदगढ़. कस्बे में गैस उपभोक्ताओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। करीब 900 कनेक्शन वाले क्षेत्र में 7 मार्च के बाद 28 मार्च को गैस सिलेंडर की गाड़ी पहुंची, यानी पूरे 20 दिन बाद। गाड़ी की सूचना मिलते ही उपभोक्ताओं की लंबी कतारें लग गईं और पुलिस की निगरानी में वितरण कराया गया। गैस एजेंसी की गाड़ी लगभग 190 सिलेंडर लेकर आई थी, जिनमें से 40 सिलेंडर वापस ले लिए गए। इस प्रकार करीब 150 सिलेंडर ही वितरित हो पाए। सीमित संख्या के कारण अधिकांश उपभोक्ता खाली हाथ लौट गए। तहसीलदार राजेंद्र यादव और रसद अधिकारी शालू कंवर भी मौके पर मौजूद रहे।
वितरण के दौरान कई उपभोक्ताओं को केवल इसलिए सिलेंडर नहीं मिला, क्योंकि उनका केवाईसी अपडेट नहीं था। कुछ उपभोक्ताओं की 13 मार्च से पहले की बुकिंग रद्द कर दी गई थी। रामलाल बलाई ने बताया कि उन्होंने 6 मार्च को सिलेंडर बुक कराया था और 7 मार्च को डिलीवरी मैसेज आया, लेकिन सिलेंडर नहीं मिला। इस तरह की समस्याओं ने वितरण प्रणाली की पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए।.................
अनियमिता हुई21 मार्च के बाद की सारी बुकिंग कैंसिल कर दी गई। उपभोक्ता उक घंटे तक लाइन में लग रहे। उसके बाद उन्हें पता लगा कि उन्हें सिलेंडर नहीं मिलेगा, जबकि उनकी ऑनलाइन बुकिंग कंफर्म थी। प्रशासन की मौजूदगी में भी अनियमिता हुई। जब 40 सिलेंडर गाड़ी अलवर वापस लेकर गई। सिलेंडर वितरण होता तो उपभोक्ताओं को लाभ मिलता।
शक्ति भारद्वाज, पूर्व सरपंच रामबास।.......................सिलेंडरों का शांतिपूर्ण वितरण किया
200 के करीब सिलेंडर आए थे। जिन लोगों को ओटीपी आई थी, उनको सिलेंडर वितरित कर दिया। 40 के करीब सिलेंडर वापस गए थे। मंगलवार को फिर से गाड़ी आएगी, जब उपभोक्ताओं को सिलेंडर मिल जाएंगे। शांतिपूर्ण तरीके से सिलेंडरों का वितरण किया गया।आरके यादव, कार्यवाहक तहसीलदार, गोविंदगढ़।