
अलवर. इस साल प्याज के भावों में बढ़ोतरी से अलवर जिले के किसान मालामाल हो गए हैं। कई वर्षो से ५ से १० रुपए प्रति किलो बिकने वाला प्याज इस साल ५० से ६० रुपए प्रति किलो बिक रहा है। किसानों को प्रति बीघा एक लाख रुपए तक की बचत हो रही है। इससे वे लग्जरी गाडि़यां और दुपहिया वाहन खरीद रहे हैं। बैंकों को बकाया चुका रहे हैं।
इस वर्ष प्याज उत्पादक राज्य मध्यप्रदेश व कर्नाटक में अधिक बरसात से प्याज की फसल खराब हो गई। एेसे में अलवर का प्याज अधिक खपत वाले राज्यों में जा रहा है। कई सालों से प्याज के थोक भाव प्रति किलो २ से १० रुपए तक रहे हैं जबकि इस साल प्याज के थोक भाव ने १५ सालों का रिकार्ड तोड़ दिया है।
५५ से अधिक चौपहिया वाहन खरीदे
आढ़ती एसोसिएशन के अध्यक्ष अभय सैनी पप्पू का कहना है कि प्याज के अच्छे भाव मिलने से जिले में ५५ से अधिक किसानों ने चौपहिया वाहन खरीदे हैं। किसानों की आय बढऩे से वे बैंकों की पुरानी देनदारियों का भुगतान कर रहे हैं। कई किसान मकान बनवा रहे हैं। आढ़ती जितेन्द्र सैनी का कहना है कि इस बार अलवर का प्याज पश्चिमी बंगाल, बंगलौर और तमिलनाडु तक जा रहा है।