अलवर

तोष गया कि हजारों युवा रो पड़े

तोष जैन की सडक़ दुर्घटना में मौत से हजारों युवाओं ने उन्हें सोशल मीडिया पर भावभीनी विदाई दी। विद्यार्थी जीवन से ही संकोची स्वभाव के साथ सामाजिक कार्यों में तोष हमेशा आगे रहते थे। गुरुवार रात को सडक़ दुर्घटना में घायल होने के बाद इनकी इलाज के दौरान शुक्रवार तडक़े मौत हो गई। इस मौत के समाचार के बाद सोशल मीडिया पर युवाओं ने इन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी।
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May 11, 2019
tosh jain death that thousands of young people were crying
तोष गया कि हजारों युवा रो पड़े

तोष जैन की सडक़ दुर्घटना में मौत से हजारों युवाओं ने उन्हें सोशल मीडिया पर भावभीनी विदाई दी। विद्यार्थी जीवन से ही संकोची स्वभाव के साथ सामाजिक कार्यों में तोष हमेशा आगे रहते थे। गुरुवार रात को सडक़ दुर्घटना में घायल होने के बाद इनकी इलाज के दौरान शुक्रवार तडक़े मौत हो गई। इस मौत के समाचार के बाद सोशल मीडिया पर युवाओं ने इन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी।


तोष अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद में नगर मंत्री व सह जिला संयोजक जैसे पदों पर रहे। यही नहीं जैन समाज में इन्होंने अल्प आयु में ही अपनी अलग पहचान बनाई। तीर्थंकर जैन युवा समिति के अध्यक्ष के रूप में इन्होंने कार्य किया। इन्होंने महावीर जयंती की पूर्व संध्या पर दीपदान जैसे बड़े कार्यक्रम आयोजित करवाए।

स्कीम नंबर एक निवासी राजेन्द्र कुमार जैन के पुत्र तोष कुमार जैन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से जुडे़ अमित कश्मीरी का कहना है कि इस वर्ष महावर जयंती की पूर्व संध्या पर बरसात आ गई। कुछ घंटे बाद ही दीपदान कार्यक्रम करवाना था। तोष ने पूरी ऊर्जा के साथ वो यादगार सफल कार्यक्रम करवाया जो हमेशा याद रहेगा।

युवा रजनीश जैमन का कहना है कि पच्चीस वर्षीय तोष अपनी दो बहनों का लाड़ला भाई था। बीकॉम करने के बाद इन्होंने सीसी टीवी कैमरे लगाने का काम शुरू किया था। यह अपने दोस्त की कार छोडऩे के लिए नौगांवा गया था। वापसी में इसने अपने एक दोस्त के साथ मारुति वैन में लिफ्ट ले ली जिसकी टैंकर से आमने-सामने की भिडंत हो गई।

तोष को रात में दुर्घटना के बाद इलाज के लिए सोलंकी अस्पताल लाया गया, जहां इसने शुक्रवार सुबह साढ़े तीन बजे दम तोड़ दिया। रात को जब इनके परिचितों को इसकी सूचना मिली तो काफी संख्या में युवा अस्पताल में जमा हो गए। यहां सभी को लग रहा था कि थोड़ी देर में तोष को होश आ जाएगा लेकिन वो सभी को रुला कर चला गया।

जैन समाज के लोगों ने तोष के युवा अवस्था में समाज के लिए किए गए कार्यों को याद किया।जैमन का कहना है कि पच्चीस वर्षीय तोष अपनी दो बहनों का लाड़ला भाई था। बीकॉम करने के बाद इन्होंने सीसी टीवी कैमरे लगाने का काम शुरू किया था। यह अपने दोस्त की कार छोडऩे के लिए नौगांवा गया था। वापसी में इसने अपने एक दोस्त के साथ मारुति वैन में लिफ्ट ले ली जिसकी टैंकर से आमने-सामने की भिडंत हो गई। तोष को रात में दुर्घटना के बाद इलाज के लिए सोलंकी अस्पताल लाया गया, जहां इसने शुक्रवार सुबह साढ़े तीन बजे दम तोड़ दिया।

रात को जब इनके परिचितों को इसकी सूचना मिली तो काफी संख्या में युवा अस्पताल में जमा हो गए। यहां सभी को लग रहा था कि थोड़ी देर में तोष को होश आ जाएगा लेकिन वो सभी को रुला कर चला गया। जैन समाज के लोगों ने तोष के युवा अवस्था में समाज के लिए किए गए कार्यों को याद किया।

Published on:
11 May 2019 12:22 pm