अलवर

Video : राजस्थान के इस शहर में अचानक धंसी जमीन, भाई-बहन गड्ढे में गिरकर घायल, लोगों में दहशत

बाइक को पीछे खींचा तो अचानक 20 फीट नीचे धंसी जमीन में मोटरसाइकिल के साथ दोनों भाई बहन गिर गए।
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Sep 03, 2017
Ground fog in behror alwar
Ground fog in behror alwar

बहरोड़. अलवर.

बहरोड़ कस्बे के चौबियान मोहल्ले में रविवार सुबह साढ़े ९ बजे एक घर में जमीन धंसने से भाई और बहन बाइक समेत गिरकर घायल हो गए। जिनको परिजनों ने निकालकर अस्पताल पहुंचाया।

कस्बे के चौबियान मोहल्ला निवासी विजय चतुर्वेदी ने बताया कि सुबह उसका भतीजा गौरव कुमार मोटरसाइकिल लेकर बाजार जाने लगा तो मोटरसाइकिल कुछ धंसी। जिस पर गौरव ने अपनी बहन प्रीति को बुलाकर मोटरसाइकिल पीछे खींचने को कहा, जब प्रीति ने बाइक को पीछे खींचा तो अचानक 20 फीट नीचे धंसी जमीन में मोटरसाइकिल के साथ दोनों भाई बहन गिर गए। जिनको देखकर घर वाले घबरा गए और आसपास के काफी लोग इकट्ठे हो गए।

लोगों ने घबराते हुए सीढी और रस्सी की सहायता से दोनों को बाहर निकाला और कस्बे के कैलाश अस्पताल में भर्ती कराया। जहां पर चिकित्सकीय जांच कराने पर पता चला कि प्रीती के पैर में चोट लगी, जिसका प्रथम उपचार कर घर भेज दिया और गौरव के कमर में चोट आने पर अस्पताल से कोटपूतली रैफर कर दिया। इस घटना से परिवार के सदस्य और आसपास के लोग डरे हुए हैं।

डर के कारण परिजनों ने धंसी जमीन के गड्ढे में से मोटरसाइकिल भी नहीं निकाली है और किसी अन्य व्यक्ति को भी वहां पर जाने के लिए मना कर गेट बंद कर रखा है कि कोई अनहोनी न हो जाए। चतुर्वेदी ने मोहल्लेवासियों को धन्यवाद दिया कि समय पर वो आकर मदद नहीं करते तो बड़ी घटना हो सकती थी।

साथ ही मोहल्ले वासियों ने पुलिस के प्रति रोष व्यक्त किया। उनका कहना था कि इतनी बड़ी घटना होने के बाद भी पुलिस नहीं आई। परिजनों ने बताया कि अचानक एेसा गड्ढा कैसे बना यह उनके सामने भी बड़ा सवाल है और गड्ढे की मिट्टी कहां गई।

पुरानी दर पर पंजीकृत दस्तावेजों की छानबीन


अलवर. उप पंजीयक कार्यालय रामगढ़ में पुरानी डीएलसी पर दस्तावेज पंजीकरण किए जाने का मामला पकड़ में आने के बाद शनिवार को दस्जावेजों की छानबीन की गई। उल्लेखनीय है कि उप महानिरीक्षक पंजीयन एवं पदेन कलक्टर मुद्रांक डॉ. सुनीता पंकज ने शुक्रवार को रामगढ़ उप पंजीयक कार्यालय कानिरीक्षण किया था। यहां १३ एेसे दस्तावेज पंजीबद्ध मिले जिनमें नई डीएलसी दर से मालियत का आकलन नहीं किया गया था। इसके अलावा ६८ दस्तावेज पंजीयन ही नहीं हुए। उनमें भी नवीन डीएलसी से मालियत की गणना की गई। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच की जा रही है।

Published on:
03 Sept 2017 07:40 pm