15 अगस्त 2026,

शनिवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

CJP प्रवक्ता आशुतोष रांका ने पुलिसवाले से कहा- मेरे से पॉलिटिक्स मत खेलना, देश के शिक्षा मंत्री को हटाकर आए हैं

CJP Ashutosh Ranka: अलवर में थानागाजी के जोधावास स्थित सरकारी स्कूल की जर्जर भवन की छत की एक पट्टी गिर गई थी। जर्जर भवन और सड़क न होने से नाराज बच्चों के साथ कॉकरोच जनता पार्टी के नेता आशुतोष रांका धरने पर बैठ गए। पुलिस से तीखी बहस और पांच घंटे के प्रदर्शन के बाद प्रशासन ने एक हफ्ते में कमरे दुरुस्त करने और सड़क बनाने का आश्वासन दिया।
2 min read
Google source verification

अलवर

image

Arvind Rao

Aug 15, 2026

cjp spokesperson ashutosh ranka

आशुतोष रांका और पुलिस से तीखी नोकझोंक (फोटो: @AshutoshRanka)

Alwar School Roof Collapse: अलवर जिले के थानागाजी स्थित जोधावास सरकारी स्कूल की छत की एक पट्टी अचानक ढह जाने से क्षेत्र में भारी आक्रोश फैल गया। चार साल से जर्जर हालत में चल रहे इस स्कूल की मरम्मत और मूलभूत सुविधाओं को लेकर छात्र-छात्राओं और स्थानीय ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। घटना की सूचना मिलते ही कॉकरोच जनता पार्टी यानी CJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और बच्चों के साथ स्कूल प्रांगण में ही अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए।

जर्जर भवन और रास्ते की समस्याओं पर उठे सवाल

धरने के दौरान आशुतोष रांका ने सोशल मीडिया के माध्यम से जिला प्रशासन और राज्य सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि स्कूल का भवन पिछले चार वर्षों से अत्यंत जर्जर स्थिति में था। इसके अलावा स्कूल तक पहुंचने के लिए पक्की सड़क न होने के कारण बच्चियों को नाला/नदी पार करके पढ़ाई करने जाना पड़ता है।

रांका ने आरोप लगाया कि प्रशासन का कहना है कि नए कमरों के निर्माण में छह महीने और सड़क बनने में साल भर का समय लगेगा। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि क्षेत्र में किसी वरिष्ठ नेता की रैली होती, तो क्या प्रशासन इतना ही समय मांगता? उन्होंने साफ किया कि जब तक सरकार बच्चों की सुरक्षा और पढ़ाई के लिए ठोस समय-सीमा तय नहीं करती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

पुलिस अधिकारी से तीखी नोकझोंक

धरना शुरू होने के कुछ ही घंटों बाद स्थानीय पुलिस प्रशासन मौके पर पहुंचा और प्रदर्शनकारियों को वहां से हटाने की कोशिश की। इसी दौरान पुलिस अधिकारी और आशुतोष रांका के बीच तीखी बहस हो गई। तनाव बढ़ता देख रांका पुलिसकर्मी पर भड़क गए और कहा, मुझसे पॉलिटिक्स मत खेलना, देश के शिक्षा मंत्री को हटाकर आया हूं। गलती से भी मुझसे पॉलिटिक्स मत खेलना, पहले इन गुंडों को बाहर निकालो।

रांका ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन को खराब करने और बच्चों को डराने के लिए स्थानीय भाजपा कार्यकर्ताओं ने स्कूल परिसर में घुसकर मारपीट और अव्यवस्था फैलाने का प्रयास किया, जबकि पुलिस मूकदर्शक बनी रही। उन्होंने पुलिस प्रशासन से मांग की कि पहले स्कूल परिसर से उपद्रवियों को बाहर निकाला जाए।

5 घंटे के धरने के बाद प्रशासन झुका, मांगें मंजूर

घंटों चले हंगामे और बच्चों के विरोध के बाद राजस्थान प्रशासन को झुकना पड़ा। करीब पांच घंटे के लगातार धरने के बाद प्रशासन और शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने वार्ता कर सभी प्रमुख मांगें मान लीं। प्रशासन द्वारा दिए गए आश्वासन में मौजूदा जर्जर क्लासरूम्स को एक सप्ताह के भीतर दुरुस्त कर बच्चों के उपयोग के योग्य बनाया जाएगा। नए कमरों का निर्माण: अगले 3 महीने के भीतर स्कूल में 7 नए कमरों का निर्माण कराया जाएगा।

साथ ही स्कूल तक आने-जाने वाले रास्ते को अगले 48 घंटों के भीतर चलने योग्य तैयार किया जाएगा। छात्रों के लिए स्कूल परिसर में प्लेग्राउंड भी तैयार किया जाएगा। आंदोलन की सफलता के बाद CJP की ओर से चेतावनी दी गई कि यदि तय समय-सीमा के भीतर काम पूरा नहीं हुआ और प्रदेशभर के जर्जर स्कूलों को ठीक नहीं किया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।