
Alwar CJP Protest: धरने पर बैठी छात्राओं से बात करते आशुतोष रांका (फोटो-@AshutoshRanka)
अलवर। थानागाजी क्षेत्र के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय जोधावास में जर्जर भवन, शिक्षकों की कमी और सड़क की समस्या को लेकर चल रहे विरोध प्रदर्शन ने शुक्रवार को नया मोड़ ले लिया। विद्यार्थियों और ग्रामीणों के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने भी स्कूल की बदहाल व्यवस्थाओं के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका के नेतृत्व में करीब 10 कार्यकर्ता स्कूल पहुंचे और अधिकारियों के मौके पर नहीं पहुंचने पर धरने पर बैठ गए।
आशुतोष रांका ने बताया कि उन्हें पार्टी संस्थापक अभिजीत दीपके ने जोधावास भेजा है। उन्होंने धरने पर बैठी छात्राओं से बातचीत की और स्कूल की समस्याओं के बारे में जानकारी ली। रांका ने कहा कि जब सरकारी स्कूलों की स्थिति ऐसी होगी तो देश विश्व गुरु कैसे बनेगा। उन्होंने सरकार से सवाल किया कि जर्जर भवन और सड़क की समस्या आखिर कब तक दूर होगी।
रांका के मुताबिक, उनकी टीम अधिकारियों का इंतजार कर रही थी, लेकिन निर्धारित समय तक अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचे। इसके बाद सीजेपी कार्यकर्ताओं ने धरना शुरू कर दिया। इसी दौरान कुछ लोग मौके पर पहुंचे और कार्यकर्ताओं से कहासुनी हो गई। विवाद बढ़ने पर हाथापाई की स्थिति बन गई और एक कार्यकर्ता की शर्ट फट गई। घटना के बाद मौके पर हंगामा हो गया। पुलिस ने पहुंचकर स्थिति को शांत कराया।
हालांकि, थानागाजी थानाधिकारी महावीर प्रसाद ने मारपीट की बात से इनकार किया है। उन्होंने बताया कि सीजेपी के करीब 10 लोग स्कूल पहुंचे थे। कुछ देर बाद ग्रामीण अपने बच्चों को लेने आए। कार्यकर्ताओं ने बच्चों को रोकने के लिए कहा, जिसको लेकर कुछ अभिभावकों से विवाद हो गया था। पुलिस ने दोनों पक्षों को समझाकर मामला शांत करा दिया। एसएचओ के अनुसार मारपीट जैसी कोई बड़ी घटना नहीं हुई।
दरअसल, जोधावास स्कूल में गुरुवार को जर्जर भवन की छत की एक पट्टी गिर गई थी। गनीमत रही कि उस समय कोई बच्चा वहां मौजूद नहीं था। ग्रामीणों का कहना है कि भवन लंबे समय से जर्जर घोषित है, लेकिन अब तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ। स्कूल को चार साल पहले सीनियर सेकेंडरी का दर्जा मिला, लेकिन पर्याप्त शिक्षक नहीं हैं। ग्रामीणों के अनुसार द्वितीय श्रेणी शिक्षकों के पांच पद खाली हैं और स्कूल में प्रिंसिपल भी नहीं है।
विद्यार्थियों की एक बड़ी परेशानी स्कूल तक पहुंचने की भी है। कई बच्चे रूपारेल नदी पार कर स्कूल पहुंचते हैं। बारिश के दौरान नदी का बहाव बढ़ने से उनकी पढ़ाई प्रभावित होती है। इससे पहले विद्यार्थियों के धरने के बाद प्रशासन और शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर उनसे बातचीत की थी। छात्रों ने अपनी समस्याओं को लेकर मांग पत्र भी सौंपा था। अब सीजेपी के प्रदर्शन के बाद स्कूल की बदहाल व्यवस्था का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में आ गया है।
Updated on:
14 Aug 2026 10:38 pm
Published on:
14 Aug 2026 10:38 pm
