1 जुलाई 2026,

बुधवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

आईडी हैक कर आरटीओ को लगाया 17 लाख का चूना

आरटीओ आफिस के एक कर्मचारी का आइडी हैक कर विभाग को 17 लाख रुपए का चूना लगाने का मामला उजागर हुआ है।
2 min read
Google source verification

image

Satya Narayan Shukla

Mar 16, 2016

ID hack, 1.7 million loss of RTO

ID hack, 1.7 million loss of RTO

दुर्ग
.आरटीओ आफिस के एक कर्मचारी का आइडी हैक कर विभाग को 17 लाख रुपए का चूना लगाने का मामला उजागर हुआ है। इस मामले में विभाग ने आईडी हैक कर शासन को क्षति पहुंचाने वाले दो लोगों को चिन्हित कर लिया है।


आईटी एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज

विभाग ने राजेश अग्रवाल व रोहित शर्मा के नाम से पद्मनाभपुर चौकी में शिकायत की है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी करने और आईडी हैक करने के लिए आईटी एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज किया है। क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय में टैक्स चोरी करने का नया तरीका सामने आया है। विभाग के अधिकारियों के मुताबिक राजेश अग्रवाल और रोहित शर्मा ने वहीं के एक कर्मचारी लोकेश पाटिल की आईडी हैक कर लिया था।


आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर

उसके आईडी से 17 लाख रुपए फर्जी तरीके से जमा भी कर दिया था। राशि का मिलान नहीं होने पर अधिकारियों ने जब जांच की तो मामले का खुलासा हुआ। इसके बाद विभाग के अधिकारियों ने पद्मनाभपुर चौकी में शिकायत की। पुलिस ने एफआईआर दर्ज करने के बाद विधिवत बयान लेने की कार्रवाई पूरी कर ली है। दोनों आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है।


50 ट्रक के टैक्स जमा करने में फर्जीवाड़ा

अधिकारियों ने जांच की तो मालूम हुआ कि 50 वाहनों का टैक्स जमा करना दर्शा रहा है, लेकिन अकाउंट में पैसा आया ही नहीं। नंबर के आधार पर वाहनों की जांच की गई तो सभी वाहन ट्रक निकला। अधिकारियों का कहना है कि ट्रक का टैक्स हर तीसरे माह में जमा करना होता है। टैक्स मार्च तक जमा करना था। फर्जीवाड़ा 28 फरवरी से 8 मार्च2016 के बीच किया गया है।


विभाग ऐसे पहुंची आरोपी तक

फर्जीवाड़ा का खुलासा होने के बाद परिवहन अधिकारी वाहनों के नंबर के आधार पर ट्रक मालिकों तक पहुंचे। ट्रक मालिकों से पूछताछ करने पर खुलासा हुआ कि उनके वाहनों का टैक्स जमा करने के लिए वे राजेश अग्रवाल व रोहित शर्मा को अधिकृत कर रखा है। परिवहन अधिकारियों की पूछताछ में दोनो व्यक्तियों ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया।


कर्मचारी संबंधित विभाग का नहीं

फर्जीवाड़ा करने के लिए लोकेश पाटिल का आईडी हैक किया गया था। अधिकारियों का कहना है कि लोकेश पाटिल मूलत: डाटा एंट्री ऑपरेटर है। वह टैक्स विभाग में कार्य भी नहीं कर रहा है। विभाग लोकेश पाटिल का आईडी कैसे हैक किया गया इसकी भी जांच करा रहा है।


कर्मचारियों के पुलिस ने बयान लिए है

आरटीओ पुलक भट्टाचाय ने कहा कि मामले का खुलासा आठ मार्च को हुआ। दो दिनों की जांच के बाद दस मार्च को एफआईआर दर्ज करने के लिए पद्मनाभपुर चौकी में आवेदन किया गया था। जांच के बाद एफआईआर दर्ज कर लिया गया है। मंगलवार को पुलिस ने विभाग के कर्मचारियों का बयान भी दर्ज किया।


सूक्ष्मता से जांच के निर्देश

टैक्स चोरी का मामला सामने आते ही आरटीओ पुलक भट्टाचार्य ने ऑनलाइन होने वाले सभी कार्यो की सूक्ष्मता से जांच करने का आदेश दिए है। उन्होंने खास तौर पर टैक्स जमा करने के प्रकरणों के पुराने हिसाब किताब को भी जांच करने के लिए कहा है। हालाकि दो दिनों की जांच में किस तरह की अनियमित्ता सामने नहीं आई है।