रामगढ़ के पूर्व विधायक ज्ञानदेव आहूजा ने सोमवार को अलवर सर्किट हाउस में प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर सरिस्का के जंगलों में
रामगढ़ के पूर्व विधायक ज्ञानदेव आहूजा ने सोमवार को अलवर सर्किट हाउस में प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर सरिस्का के जंगलों में औषधीय वृक्षों के रोपण की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सरिस्का की पारिस्थितिकी संतुलित रखने और स्थानीय वन्य जीवन को समृद्ध बनाने के लिए औषधीय पेड़ों जैसे पीपल, बड़, गोंद के वृक्षों को फिर से लगाने की जरूरत है।
पूर्व विधायक ने जानकारी देते हुए बताया कि उन्होंने इस संबंध में केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव और राज्य के वन मंत्री संजय शर्मा को लिखित अनुरोध पत्र भेजा जाएगा, जिसमें सरिस्का अभयारण्य क्षेत्र और आसपास की पहाड़ियों में विशेष रूप से औषधीय वृक्षारोपण अभियान चलाने की मांग की गई है।
उन्होंने कहा पहले इन जंगलों और पहाड़ों में पीपल, बड़, गोंद जैसे बहुउपयोगी वृक्ष बड़ी संख्या में पाए जाते थे, लेकिन अब इनकी संख्या लगातार घटती जा रही है। उन्होंने चेताया कि यदि समय रहते इन वृक्षों का पुनः रोपण नहीं किया गया तो क्षेत्र की पारिस्थितिकी को भारी नुकसान हो सकता है।
ज्ञानदेव आहूजा ने यह भी कहा कि औषधीय वृक्ष न केवल पर्यावरण के लिए फायदेमंद हैं, बल्कि इससे स्थानीय लोगों को आय का साधन भी मिल सकता है। उन्होंने सरकार से इस विषय पर गंभीरता से विचार करने और जल्दी से जल्दी अभियान शुरू करने की अपील की। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने सरिस्का के वन क्षेत्र की दशा सुधारने के लिए और भी कई सुझाव दिए और बताया कि वे इस मुद्दे को आगे भी मजबूती से उठाते रहेंगे।