
हनुमान-प्रिया की शादी। फोटो: पत्रिका
अलवर। जयपुर की ओपन जेल में रहकर उम्रकैद की सजा काट रहे हनुमान प्रसाद और प्रिया सेठ की शादी के बाद एक बार फिर लोगों के जहन में साल 2017 में घटित सनसनीखेज वारदात ताजा हो गई है। अलवर के शिवाजी पार्क इलाके में रहने वाली महिला संतोष शर्मा ने अपने कथित प्रेमी के साथ मिलकर पति बनवारी लाल (45), तीन बेटों मोहित (17), हैप्पी (15), अज्जू (12) व भतीजे निक्की (10) की हत्या कर दी थी। यह कथित प्रेमी कोई और नहीं, बल्कि हनुमान प्रसाद ही था। इस हत्याकांड के 6 महीने के अंदर ही संतोष की सास व ससुर की सदमे में मौत हो गई थी।
संतोष और उसकी छोटी बहन कविता की शादी एक ही घर में हुई थी। दोनों देवरानी-जेठानी हैं। संतोष की शादी बनवारी से और उसकी बहन कविता की शादी बनवारी के छोटे भाई से हुई थी। इस हत्याकांड के मामले में कोर्ट ने हनुमान प्रसाद को उम्रकैद की सजा सुनाई थी। वह अभी जयपुर की ओपन जेल में उम्रकैद की सजा काट रहा है। हनुमान प्रसाद की शादी ने एक बार फिर पीड़ित परिवार के जख्म हरे कर दिए हैं। इससे संतोष के गांव कठूमर के गारू सहित आसपास के इलाकों में नाराजगी है।
हनुमान प्रसाद और प्रिया सेठ की शादी के बाद संतोष के पैतृक गांव कठूमर के गारू में पीड़ित परिवार और रिश्तेदारों में गहरा आक्रोश है। संतोष के चाचा के बेटे अशोक शर्मा ने कहा कि यह सरासर अन्याय है। उन्होंने बताया कि इस घटना ने पूरे परिवार को तबाह कर दिया। पांच लोगों की निर्मम हत्या के बाद संतोष के सास-ससुर की भी सदमे के चलते 6 महीने के अंदर ही मौत हो गई थी।
संतोष के पड़ोसी ओमप्रकाश ने कहा कि दोषियों को किसी भी तरह की छूट देना गलत है। यह एक जघन्य अपराध था और ऐसे मामलों में सख्ती होनी चाहिए। उन्होंने बताया कि संतोष की बहन और उसका देवर पहले से ही मानसिक रूप से कमजोर हैं, जबकि उसका बेटा भी पूरी घटना को समझने की स्थिति में नहीं है। ऐसे में परिवार में कोई भी ऐसा नहीं बचा है, जो हालात को संभाल सके।
प्रिया सेठ भी जयपुर की ओपन जेल में उम्रकैद की सजा काट रही है। प्रिया सेठ ने जयपुर के झोटवाड़ा निवासी दुष्यंत शर्मा की हत्या कर शव को सूटकेस में बंद कर आमेर क्षेत्र में फेंक दिया था। हत्या के बाद भी दुष्यंत के पिता को फिरौती के लिए ब्लैकमेल किया गया। इस अपराध में शामिल दीक्षांत कामरा भी सजा काट रहा है, जो प्रिया सेठ का पूर्व में बॉयफ्रेंड रह चुका था। प्रिया सेठ ने पिछले दिनों पैरोल पर रिहाई के लिए हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। हाईकोर्ट के इस आदेश के बाद जयपुर की जिला पैरोल एडवाइजरी कमेटी ने प्रिया सेठ व हनुमान प्रसाद को पैरोल पर छोड़ने के आदेश जारी किए थे।
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Updated on:
25 Jan 2026 02:55 pm
Published on:
25 Jan 2026 02:55 pm
