अलवर के सरिस्का टाइगर रिजर्व के क्रिटिकल टाइगर हैबिटेट (सीटीएच) के नए ड्राफ्ट के विरोध में पर्यावरण प्रेमी दिल्ली के जंतर-मंतर जुटे। यहां उन्होंने बाघों को बचाने की अपील की, साथ ही सरकार को भी जमकर कोसा।
अलवर सरिस्का टाइगर रिजर्व के क्रिटिकल टाइगर हैबिटेट (सीटीएच) के नए ड्राफ्ट के विरोध में पर्यावरण प्रेमी दिल्ली के जंतर-मंतर पर जुटे। यहां उन्होंने बाघों को बचाने की अपील की, साथ ही सरकार को भी जमकर कोसा।
पर्यावरण प्रेमियों का कहना है कि सरिस्का सीटीएच का नया ड्राफ्ट केवल बंद खानों को खोलने वाला है। इसके अलावा यह होटलों को भी संरक्षण देगा। पर्यावरण प्रेमियों ने कहा कि सरिस्का को जानबूझकर उजाड़ने की कोशिश की जा रही है, जबकि वर्ष 2004 में सरिस्का बाघ विहीन हो गया था।
अगर फिर वही नौबत आ गई, तो यह अलवर के लिए ठीक नहीं होगा। उल्लेखनीय है कि सीटीएच के नए ड्राफ्ट का मुद्दा लगातार गरमा रहा है। कांग्रेस भी इसे मुद्दा बनाए हुए है। सभी का कहना है कि यह ड्राफ्ट टहला क्षेत्र में सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर बंद की गई खानों को खोलने वाला है, क्योंकि उस एरिया को सीटीएच से दूर कर दिया गया।