सकट कस्बा और आसपास के गांवों में कई दिनों से हो रही बारिश से नदी-नालों और तालाबों में पानी की अच्छी आवक हुई है। अधिकांश जोहड़, तालाब और एनिकट लबालब नजर आने लगे हैं।
सकट कस्बा और आसपास के गांवों में कई दिनों से हो रही बारिश से नदी-नालों और तालाबों में पानी की अच्छी आवक हुई है। अधिकांश जोहड़, तालाब और एनिकट लबालब नजर आने लगे हैं।
पलासन नदी में इन दिनों निरंतर बहाव बना हुआ है। इसी बारिश के चलते बीधोता गांव के पहाड़ी क्षेत्रों से पानी की आवक होकर बीधोता बांध में पहुंची है। बांध की भराव क्षमता 19 फीट है। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले दिनों तक बांध पूरी तरह सूखा पड़ा था, लेकिन अब पानी आने से स्थिति बदली है।
ग्रामीण शैलेन्द्र खटाणा और रत्ती राम मीणा ने बताया कि पानी आने से जहां बांध में जीवन लौटी है, वहीं इसके भराव क्षेत्र में आने वाले खेतों में खड़ी खरीफ की फसलें डूब गई हैं। मक्का, बाजरा और ज्वार जैसी फसलें जलमग्न होने से किसान चिंतित हैं।
सकट क्षेत्र का सबसे बड़ा देवती रामसागर बांध अभी पानी के अभाव में खाली पड़ा है। इसकी भराव क्षमता 13 फीट है। ग्रामीणों की प्रार्थना है कि बारिश का दौर जारी रहे और बांध में पानी भरकर ऊपरा चले, जिससे आसपास के गांवों को लंबे समय से हो रही जलसंकट की समस्या से राहत मिल सके।
लगातार हो रही बारिश से खरीफ की कई फसलें प्रभावित हुई हैं। मक्का, बाजरा, ज्वार, तिल, मूंग और लाल प्याज की फसलें पानी और नमी से खराब हो रही हैं। कई खेतों में बाजरे की फसल तेज हवाओं और पानी से गिर गई है, जबकि लाल प्याज की फसल गलने लगी है। किसानों का कहना है कि इस बार बारिश ने राहत के साथ-साथ चिंता भी बढ़ा दी है।