
केंद्र सरकार की ओर से महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के नाम और उसके मूल स्वरूप में परिवर्तन के प्रस्ताव के विरोध में कांग्रेस ने आंदोलन का ऐलान किया है। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के आह्वान पर जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा रविवार को नगर निगम कार्यालय के बाहर उपवास एवं प्रतीकात्मक विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।
जिला कांग्रेस कमेटी के जिलाध्यक्ष प्रकाश गंगावत ने बताया कि यह कार्यक्रम ‘मनरेगा बचाओ संग्राम अभियान’ के अंतर्गत आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मनरेगा ग्रामीण गरीब, मजदूर और किसानों के लिए आजीविका की मजबूत गारंटी है, और इसके मूल स्वरूप से छेड़छाड़ गरीबों के अधिकारों पर सीधा हमला है।
उपवास कार्यक्रम में जिले के विधायक, एआईसीसी एवं पीसीसी के सदस्य, वरिष्ठ कांग्रेस नेता तथा बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल होंगे। प्रदर्शन के माध्यम से केंद्र सरकार के निर्णय का विरोध दर्ज कराया जाएगा और मनरेगा को कमजोर किए जाने के प्रयासों के खिलाफ आवाज बुलंद की जाएगी।
इसके साथ ही कांग्रेस द्वारा 12 से 29 जनवरी तक पंचायत स्तर पर जनसंपर्क अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान के तहत कार्यकर्ता गांव-गांव जाकर आमजन को मनरेगा अधिनियम में प्रस्तावित बदलावों तथा उससे होने वाले संभावित नुकसान की जानकारी देंगे। कांग्रेस का उद्देश्य जनता को जागरूक कर इस जनकल्याणकारी योजना की रक्षा करना बताया गया है।
Updated on:
11 Jan 2026 12:31 pm
Published on:
11 Jan 2026 12:31 pm
