अलवर

दो माह से मदद का इंतजार: सरकार की सहायता से महरूम अग्निवीर का परिवार

मैंने मेरे बेटे को देश की रक्षा के लिए सीमा पर भेजा था, लेकिन मुझे दर्द देकर मझधार में छोड़ गया। मैंने ख्वाब संजोए थे कुछ कर गुजरने के... ये बयां करता एक अग्निवीर की असहाय बूढ़ी मां का दर्द है, जो अपने 21 वर्षीय अग्निवीर बेटे की संदेहास्पद मौत के दर्द को लेकर प्रतिदिन उसकी फोटो से लिपट फूट-फूटकर रो पड़ती हैं।

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Jul 11, 2024

पिनान (अलवर)। मैंने मेरे बेटे को देश की रक्षा के लिए सीमा पर भेजा था, लेकिन मुझे दर्द देकर मझधार में छोड़ गया। मैंने ख्वाब संजोए थे कुछ कर गुजरने के… ये बयां करता एक अग्निवीर की असहाय बूढ़ी मां का दर्द है, जो अपने 21 वर्षीय अग्निवीर बेटे की संदेहास्पद मौत के दर्द को लेकर प्रतिदिन उसकी फोटो से लिपट फूट-फूटकर रो पड़ती हैं।

रैणी तहसील क्षेत्र के नवलपुरा-मरोडकलां निवासी अग्निवीर 21 वर्षीय जितेन्द्र सिंह तंवर सरहद पर अपनी जान गवां बैठा, लेकिन दो माह बीत जाने के बाद भी सरकार व विभाग से अग्निवीर के परिवार को सहायता तक नहीं मिली। बड़े भाई सुनील ने बताया कि भारतीय सेना में पैरा टू पर 3 पेरा स्पेशल फोर्स बटालियन में जितेन्द्र 2022 की प्रथम भर्ती में बतौर अग्निवीर भर्ती हुआ था।

उसके भाई की आतंकी सर्च ऑपरेशन के दौरान सिर में गोली लगने से मौत हुई है। अग्निपथ योजना चालू होने के बाद यह चौथे अग्निवीर की मौत है। दो माह गुजर जाने के बाद भी संदेहास्पद परिस्थितियों में मौत होने की गुत्थी विभाग अभी तक नहीं सुलझा पाया। न ही सरकार व विभाग से सहायता राशि मिल पाई है। बेटे के दर्द को लेकर बूढ़ी मां सरकार की सहायता की बाट जोह रही हैं। दयनीय पारिवारिक परिस्थितियों से निपटने के लिए बड़ा भाई सुनील मेहनत कर घर खर्चा चला रहा है।

सीएम तक बात पहुंचाने का दिया था भरोसा

उल्लेखनीय है कि भारतीय सेना में अग्निवीर जितेन्द्र सिंह तंवर की मौत को लेकर वनमंत्री संजय शर्मा नवलपुरा-मोरोड कलां गांव पहुंचे थे। उन्होंने जवान के प्रति संवेदना भी जताई और परिजनों को सांत्वना भी दी थी। उन्होंने परिजनों से बातचीत कर समस्या सुनी।

जिस पर परिजनों ने अग्निवीर की शहादत के लिए अंत्येष्टि स्थल पर स्मारक बनाने, गांव में संचालित राजकीय विद्यालय का नाम अमर शहीद जितेन्द्र सिंह तंवर रखने, परिजन के एक सदस्य को सरकारी नौकरी, परिवार को उचित आर्थिक सहयोग व मालाखेडा बायपास मार्ग का नाम शहीद जितेन्द्र सिंह तंवर रखने की मांग की थी। जिस पर मंत्री ने संवेदना जाहिर करते हुए वकील बनकर मुख्यमंत्री के समक्ष मांग रखने व सहायता पारित कराने का भरोसा दिलाया था।

Updated on:
11 Jul 2024 05:55 pm
Published on:
11 Jul 2024 04:50 pm
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