अलवर

अफ्रीकी देश से चीता आ गया, रणथंभौर से सरिस्का में बाघ आने का इंतजार

अफ्रीकी देश से हजारों किलोमीटर की दूरी तय कर चीता भारत आ गया, लेकिन रणथंभौर से कुछ सौ किमी दूरी तय कर बाघ अभी तक सरिस्का बाघ परियोजना नहीं पहुंच पाए हैं। रणथंभौर से तीन बाघ सरिस्का लाने की योजना के परवान चढ़ने का लंबे समय से इंतजार है

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Sep 20, 2022
अफ्रीकी देश से चीता आ गया, रणथंभौर से सरिस्का में बाघ आने का इंतजार

अफ्रीकी देश से चीता आ गया, रणथंभौर से सरिस्का में बाघ आने का इंतजार
-रणथंभौर से तीन बाघ सरिस्का लाने की योजना फिलहाल ठंडे बस्ते में

- एनटीसीए व राज्य सरकार की अनुमति के अभाव में अटकी बाघ पुनर्वास की योजना

अलवर. अफ्रीकी देश से हजारों किलोमीटर की दूरी तय कर चीता भारत आ गया, लेकिन रणथंभौर से कुछ सौ किमी दूरी तय कर बाघ अभी तक सरिस्का बाघ परियोजना नहीं पहुंच पाए हैं। रणथंभौर से तीन बाघ सरिस्का लाने की योजना के परवान चढ़ने का लंबे समय से इंतजार है।रणथंभौर टाइगर रिजर्व से तीन बाघ सरिस्का लाने की योजना है। इनमें मेल व फीमेल बाघ शामिल हैं। सरिस्का में इस साल तीन बाघों की कमी आने से रणथंभौर से नए बाघ लाने की जरूरत बढ़ गई है, लकिन अभी बाघ पुनर्वास को न तो एनटीसीए और न ही राज्य सरकार की अनुमति मिल सकी है। सरिस्का में अभी बाघों को कुनबा घटकर 24 रह गया है।

एनटीसीए से ट्रंक्यूलाइज की मिलनी है अनुमति

रणथंभौर से बाघ पुर्नवास के लिए एनटीसीए से बाघ काे ट्रंक्यूलाइज करने की अनुमति नहीं मिली है। बाघ को लाने के लिए ट्रंक्यूलाइज करना जरूरी है। एनटीसीए की अनुमति मिलने पर ही रणथंभौर से सरिस्का बाघों को लाना संभव है।

राज्य सरकार की अनुमति भी जरूरीएनटीसीए से बाघ को ट्रंक्यूलाइज करने की अनुमति मिलने के बाद राज्य सरकार की अनुमति अनिवार्य रहती है। अभी एनटीसीए की अनुमति नहीं मिलने के कारण राज्य सरकार स्तर पर भी बाघ पुनर्वास की योजना अटकी हुई है।

तीन बाघ लाने का है प्रस्ताव

रणथंभौर से तीन बाघ सरिस्का लाने का प्रस्ताव है। इनमें मेल व फीमेल बाघ लाए जाने हैं। इनमें एक मेल व दो फीमेल का पुनर्वास कराया जा सकता है। कारण है कि सरिस्का में इस साल तीन बाघ कम हुए हैं। इनमें बाघिन एसटी-3 एवं बाघ एसटी-6 की उम्रदराज होने के कारण प्राकृतिक मौत हो गई। वहीं सरिस्का का युवा बाघ एसटी- 13 गत जनवरी माह से लापता है। इस कारण नए बाघ की जरूरत है। सरिस्का में अभी बाघिन एसटी-10, 12, 22 हैं। इस कारण युवा मेल बाघ लाने की जरूरत है। वहीं बाघ एसटी- 23, 24 व 25 हैं, इनके लिए युवा फीमेल बाघिन की जरूरत है।

अनुमति का इंतजाररणथंभौर से बाघ पुनर्वास के लिए एनटीसीए की अनुमति मिलने का इंतजार है। इसके बाद सरकार की अनुमति मिलने पर सरिस्का में बाघों का पुनर्वास कराया जाएगा।

डीपी जागावतडीएफओ, सरिस्का बाघ परियोजना

Published on:
20 Sept 2022 12:03 pm
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