अलवर में गुरुवार को मौसम ने अचानक करवट बदल ली। सुबह से उमस और गर्मी के बीच दोपहर होते-होते आसमान में काली घटाएं छा गईं।
राजस्थान के सीमावर्ती जिले अलवर में गुरुवार को मौसम ने अचानक करवट बदल ली। सुबह से आसमान में काली घटाएं छा गईं। देखते ही देखते तेज गर्जना के साथ बिजली कौंधने लगी और धूल भरी हवाओं के बीच झमाझम बारिश शुरू हो गई। शहर के साथ-साथ जिले के कई ग्रामीण इलाकों में बारिश के साथ ओलावृष्टि (Olavrishti) भी हुई, जिससे तापमान में तो गिरावट आई है, लेकिन किसानों की धड़कनें तेज हो गई हैं।
मौसम के इस बदले मिजाज ने सबसे ज्यादा चिंता अन्नदाता की बढ़ा दी है। इन दिनों जिले के खेतों में गेहूं और चने की फसल पूरी तरह पककर तैयार खड़ी है। कई इलाकों में कटाई का काम जोरों पर चल रहा है।
फसल भीगने का डर: जिन किसानों ने फसल काटकर खेतों में ही रखी हुई है, उनके सामने अनाज के सड़ने और गुणवत्ता खराब होने का खतरा पैदा हो गया है।
फसल गिरने की आशंका: किसानों का कहना है कि यदि बारिश के साथ हवा की रफ्तार तेज रहती है, तो खड़ी गेहूं की फसल जमीन पर बिछ (पसर) जाएगी, जिससे दाना काला पड़ सकता है और पैदावार में भारी कमी आ सकती है।
मौसम विभाग की मानें तो यह बदलाव एक पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण हुआ है। विभाग ने चेतावनी जारी की है कि शुक्रवार को भी जिले के कुछ हिस्सों में बारिश और मेघगर्जन की संभावना बनी रहेगी। मौसम विभाग ने शाम या रात में फिर गरज-चमक के साथ हल्की बारिश या आंधी की संभावना जताई है। प्रशासन ने किसानों को सलाह दी है कि वे कटी हुई फसल को सुरक्षित स्थानों पर ढक कर रखें और अनाज मंडियों में खुले में पड़े माल को बचाने के पुख्ता इंतजाम करें। अलवर में बुधवार को भी दोपहर बाद अचानक शाम को तेज आंधी-बारिश शुरू हुई थी। जिससे तापमान में लगभग 3 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। इसके बाद दिन और रात में ठंड महसूस होने लगी है।