अलवर के ईएसआईसी हॉस्पिटल में एक अजीब तरह का मामला सामने आया है। हॉस्पिटल में डॉक्टर भी हैरान रह जब एक व्यक्ति अपना शव लेने के लिए अस्पताल पंहुचा।
अलवर के ईएसआईसी हॉस्पिटल में एक अजीब तरह का मामला सामने आया है। हॉस्पिटल में डॉक्टर भी हैरान रह जब एक व्यक्ति अपना शव लेने के लिए अस्पताल पंहुचा। दरअसल, यहां एक व्यक्ति की इलाज के दौरान मौत हो गई। इसके बाद पता चला कि जिस नाम के व्यक्ति से इलाज किया जा रहा था, उसका नाम कुछ और है।
जब परिजन शव लेने आए तो पूरा मामला पता चलते ही अस्पताल प्रशासन को आनन-फानन में पुलिस बुलानी पड़ी। आखिर में पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर संदेह के आधार पर उसका जिला अस्पताल में पोस्टमार्टम कराया। इसके बाद ही शव परिजनों को सौंपा गया। वहीं, ईएसआईसी अस्पताल प्रशासन ने भी शव देने से पहले परिजन से शपथ पत्र भरवाया।
एक मरीज को टीबी की बीमारी के इलाज लिए 30 नवंबर को ईएसआईसी अस्पताल में भर्ती कराया गया। भर्ती रजिस्टर में उसका नाम लिखा गया-भैरूसिंह पुत्र महादेव राजपूत निवासी टीटपुर कोठड़ी, तहसील कठूमर। 13 दिसंबर को इलाज के दौरान इस मरीज की मौत हो गई। अस्पताल प्रशासन ने परिजन को मौत की सूचना देते हुए मरीज के मौत संबंधी जरूरी दस्तावेज भी तैयार कर लिए। शव लेने आए मृतक के एक परिजन ने खुद को भैरूसिंह बताया और कहा कि मरने वाले का नाम श्याम सुंदर (30) पुत्र कप्तान सिंह निवासी ग्राम टीटपुर कोठड़ी हाल निवासी सोनावा की डूंगरी है।
उसने श्याम सुंदर के नाम से मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने को कहा। इसके बाद शव सुपुर्दगी के दौरान स्टाफ ने साइन कराए, तब भी मृतक के एक परिजन ने भैरूसिंह के नाम से साइन कर दिए। स्टाफ के टोकने पर उसने बताया कि मृतक का नाम भैरूसिंह नहीं बल्कि श्याम सुंदर है। भैरूसिंह तो मैं हूं। जानकारी करने पर पता चला कि ईएसआईसी अस्पताल की चिकित्सा सुविधाओं का लाभ लेने के लिए मरीज को गलत नाम से भर्ती कराया गया था।
ईएसआईसी का लाभ लेने के लिए मृतक गलत दस्तावेजों के आधार पर भर्ती हुआ था। बाद में स्थिति बिगड़ने पर उसकी मौत हो गई। इसके बाद परिजनों की ओर से मृत्यु प्रमाण पत्र दूसरे व्यक्ति के नाम पर बनवाने की बात कहने पर मामले का पता चला। परिजनों का कहना था कि मृतक खुद ही अपने भाई के दस्तावेजों से भर्ती हुआ था।
-असीम दास, डीन, ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज
एमआईए थाने के हेड कांस्टेबल खेमसिंह ने बताया कि अस्पताल प्रशासन की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में लेकर उच्चाधिकारियों को सूचित किया। इस दौरान संदेहास्पद मामला होने पर उच्चाधिकारियों के निर्देश पर मृतक के शव को शनिवार को जिला अस्पताल के मुर्दाघर में रखवाया गया। जहां रविवार को पोस्टमार्टम के बाद मृतक का शव परिजन के सुपुर्द किया गया।