अलवर. प्रदेश सरकार के अंतिम बजट में महिलाओं को रोडवेज बसों में सफर के दौरान किराए में 50 प्रतिशत की छूट सौगात तो दी, लेकिन कई क्षेत्रों में इसका लाभ लेने से महिलाएं कोसों दूर नजर आती हैं। इसका मुख्य कारण है कि कई देहाती अंचलों में रोडवेज की बसों का संचालन ही नहीं हो पा रहा है।
अलवर. प्रदेश सरकार के अंतिम बजट में महिलाओं को रोडवेज बसों में सफर के दौरान किराए में 50 प्रतिशत की छूट सौगात तो दी, लेकिन कई क्षेत्रों में इसका लाभ लेने से महिलाएं कोसों दूर नजर आती हैं। इसका मुख्य कारण है कि कई देहाती अंचलों में रोडवेज की बसों का संचालन ही नहीं हो पा रहा है।
अलवर जिले के नवघोषित बहरोड़-कोटपूतली क्षेत्र की ही बात की जाएं तो अधिकतर ग्रामीण क्षेत्रों में रोडवेज बसों का संचालन नहीं होने से ग्रामीण महिलाओं को राज्य सरकार की रोडवेज बसों में किराए में मिलने वाली 50 प्रतिशत छूट का लाभ नहीं मिल रहा है। राज्य सरकार ने मार्च माह में महिलाओं को रोडवेज बसों में सफर करने पर आधा किराया माफ करने की घोषणा की थी, लेकिन नव घोषित बहरोड़-कोठपूतली जिला क्षेत्र के अधिकतर गांवों में ग्रामीण सडक़ मार्ग पर रोडवेज की बसों का संचालन नहीं हो रहा। इन मार्गों पर अधिकतर निजी बसों का ही संचालन होता है।
ग्रामीण क्षेत्र में रोडवेज बसों का संचालन महज एक सपना
राज्य सरकार ने ग्रामीण रूटों पर रोडवेज बसों के संचालन की घोषणा की थी, लेकिन अभी तक ग्रामीण क्षेत्र के सडक़ मार्गों पर एक भी रोडवेज की बस नहीं चल पाई है और लोगों के लिए यह घोघणा एक सपना बनकर रह गई है। जबकि ग्रामीण सडक़ मार्ग पर निजी बसें धड़ल्ले से संचालित हो रही हैं। ऐसे में रोडवेज बसों में सरकार की घोषणा का लाभ नहीं मिल पा रहा है।