Women's Day 2026 अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर रविवार को अलवर शहर में ‘महिला मैराथन 2026’ का भव्य आयोजन किया गया।
Women's Day 2026 अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर रविवार को अलवर शहर में ‘महिला मैराथन 2026’ का भव्य आयोजन किया गया। राजस्थान पत्रिका के संस्थापक श्रद्धेय कर्पूर चन्द्र कुलिश के जन्म शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित इस कार्यक्रम में नारी शक्ति का उत्साह और ऊर्जा देखने को मिली। शहर की सड़कों पर 10 वर्ष की बालिकाओं से लेकर 80 वर्ष तक की बुजुर्ग महिलाओं ने भाग लेकर फिटनेस और महिला सशक्तिकरण का संदेश दिया।
मैराथन का शुभारंभ सुबह 6 बजे कंपनी बाग स्थित शहीद स्मारक से हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वन एवं पर्यावरण राज्य मंत्री संजय शर्मा ने हरी झंडी दिखाकर दौड़ की शुरुआत करवाई। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि महिलाएं समाज की आधारशिला हैं और उनका स्वस्थ एवं आत्मनिर्भर होना देश के विकास के लिए बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन महिलाओं को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ आत्मविश्वास भी बढ़ाते हैं।
कार्यक्रम संयोजिका, एथलीट एवं समाजसेवी एडवोकेट सीमा सैनी ने बताया कि मैराथन का रूट शहीद स्मारक से शुरू होकर नंगली सर्किल, एसएमडी सर्किल और मोती डूंगरी होते हुए पुनः कंपनी बाग पर आकर समाप्त हुआ। पूरे मार्ग में महिलाओं का जोश और उत्साह देखते ही बन रहा था। शहरवासियों ने भी रास्ते में खड़े होकर प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया।
इस मैराथन में 500 से अधिक महिलाओं और बालिकाओं ने भाग लिया। प्रतिभागियों ने दौड़ के माध्यम से फिट इंडिया और महिला सशक्तिकरण का संदेश दिया। आयोजन के समापन पर मुख्य अतिथि संजय शर्मा ने मैराथन में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाली प्रतिभागियों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया।
कार्यक्रम में सरस डेयरी के पूर्व चेयरमैन बन्नाराम मीणा और राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त प्रधानाध्यापिका नीलम यादव भी विशेष रूप से मौजूद रहीं। दोनों ने महिलाओं के उत्साह की सराहना करते हुए ऐसे आयोजनों को समाज के लिए प्रेरणादायक बताया।
इस अवसर पर डॉ. ऋचा गुप्ता ने उपस्थित महिलाओं को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने और नियमित व्यायाम करने के महत्वपूर्ण सुझाव दिए। उन्होंने कहा कि स्वस्थ जीवनशैली अपनाने से महिलाएं न केवल स्वयं स्वस्थ रह सकती हैं बल्कि परिवार और समाज को भी सकारात्मक दिशा दे सकती हैं।
मैराथन को सफल बनाने में तकनीकी संयोजक कैप्टन उमरावलाल सैनी के नेतृत्व में 40 तकनीकी सहायक, शारीरिक शिक्षक और 50 से अधिक स्वयंसेवकों ने महत्वपूर्ण योगदान दिया। कार्यक्रम का संचालन रेखा महलावत ने किया। आयोजन के अंत में सभी प्रतिभागियों और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया गया।