अलवर

Alwar: प्रदेश में 394 और अलवर में 16.39 वर्ग किमी बढ़ा वनक्षेत्र, पर कंक्रीट का जंगल बढ़ने की स्पीड तेज

प्रदेश में हरित क्षेत्र बढ़ा है। अलवर में भी इसमें बढ़ोतरी हुई है, लेकिन जिस गति से कंक्रीट का जंगल बढ़ रहा है, उतनी गति से इसमें इजाफा नहीं हो पाया है। यह चिंता का विषय है। इस ओर ध्यान नहीं दिया गया तो आने वाली पीढ़ी हमें कोसेगी। सरकारों के साथ ही आम नागरिक का भी कर्तव्य है कि वह हरियाली बढ़ाने में पूरा योगदान दे।

2 min read
Jun 05, 2026
green belt alwar
अलवर का हराभरा क्षेत्र जो शहर को दे रहा है प्राणवायु

पर्यावरण दिवस पर पूरे प्रदेश में लोगों को यही संदेश दिया जाता है कि पर्यावरण को बचाने के लिए ज्यादा से ज्यादा पौधे लगाएं। इसका असर भी नजर आया है। फोरेस्ट सर्वे ऑफ इंडिया (एफएसआइ) की इंडिया स्टेट ऑफ फोरेस्ट रिपोर्ट-2023 के अनुसार प्रदेशभर में 394 वर्ग किमी वनक्षेत्र में वृद्धि हुई है। यह अच्छा संकेत है, लेकिन छह दशक में वनक्षेत्र में 6 हजार 499 वर्ग किमी की कमी आई है। अलवर में भी हरियाली की सुखद तस्वीर सामने आई है। यहां इस रिपोर्ट के अनुसार 2021 की तुलना में करीब 16.39 वर्ग किलोमीटर वन क्षेत्र बढ़ा है। इसका बड़ा कारण सरिस्का बाघ परियाजना, अरावली पर्वतमाला और संरक्षित वन क्षेत्र है। अलवर का कुल क्षेत्रफल करीब 8,380 वर्ग किमी है। यहां वनक्षेत्र 1195.91 वर्ग किमी है, जो कुल क्षेत्रफल का 14.27 प्रतिशत है। एफएसआइ की ओर से 21 दिसंबर, 2024 को यह रिपोर्ट जारी की गई थी। इसका हर दो वर्ष में प्रकाशन किया जाता है।

अलवर के वनक्षेत्र का गणित

-अत्यंत सघन वन (वीडीएफ): अरावली के कोर एरिया में यह क्षेत्र मात्र 5.92 वर्ग किलोमीटर (0.07%) बचा है, जिसमें साल 2021 की तुलना में 0.75 वर्ग किमी की मामूली गिरावट आई है।
-सामान्य सघन वन (एमडीएफ): जिला क्षेत्र में यह लगभग 334 वर्ग किलोमीटर (3.98%) पर बना हुआ है।
-खुले वन (ओएफ): वन सुरक्षा और सामाजिक वानिकी के कारण खुले वनों का क्षेत्र बढ़कर 806 वर्ग किमी से अधिक हो गया है।

फैक्ट फाइल

राजस्थान का कुल भौगोलिक क्षेत्रफल: 3,42,239 वर्ग किलोमीटर
कुल वन आवरण: 16,978.29 वर्ग किलोमीटर
कुल वृक्ष आवरण: 8,954.70 वर्ग किलोमीटर
वन एवं वृक्ष आवरण: 25,932.99 वर्ग किलोमीटर
राज्य के कुल क्षेत्रफल में वन आवरण का प्रतिशत: 4.96
वन एवं वृक्ष आवरण का संयुक्त प्रतिशत: 7.58

इन पांच जिलों में सर्वाधिक वनक्षेत्र बढ़ा

-अजमेर में साल 2021 में वनक्षेत्र 305.11 वर्ग किमी था, जो साल 2023 में 26.45 बढ़कर 331.56 वर्ग किमी हो गया।
-पाली में साल 2021 के मुकाबले वनक्षेत्र में 26.01 वर्ग किमी की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
-बीकानेर में रेगिस्तानी इलाका होने के बावजूद वन क्षेत्र में 24.10 वर्ग किमी का इजाफा दर्ज हुआ।
-नागौर में 22.72 वर्ग किमी वन क्षेत्र की वृद्धि होने से हरित क्षेत्र 165.90 वर्ग किमी पर पहुंच गया।
-सीकर में सघन पौधरोपण से 21.20 वर्ग किमी नया वन क्षेत्र जुड़ा है।

इन पांच जिलों में घट गया वनक्षेत्र

-जालोर जिले को सबसे ज्यादा 32.46 वर्ग किमी वनक्षेत्र घटा है।
-करौली जिले में वनावरण 26.12 वर्ग किमी तक घट गया।
-सिरोही में भी 13.44 वर्ग किमी जंगल कम हुआ।
-भरतपुर में 11.12 वर्ग किमी की वनक्षेत्र में गिरावट दर्ज हुई।
-उदयपुर में भी साल 2021 की तुलना में साल 2023 में 9.50 वर्ग किमी वनक्षेत्र का नुकसान हुआ।

Published on:
05 Jun 2026 11:08 am