अलवर। राजस्थान के युवाओं के इनोवेटिव आइडिया अब स्टार्टअप्स के रूप में नई उड़ान भर रहे हैं। अलवर जिले के युवा भी इस क्षेत्र में पीछे नहीं हैं। खेती-बाड़ी, गो-उत्पाद, एग्रीटेक और मशीनरी जैसे विभिन्न क्षेत्रों में नए-नए प्रयोग कर युवा जिले का नाम रोशन कर रहे हैं। सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग की ओर से […]
अलवर। राजस्थान के युवाओं के इनोवेटिव आइडिया अब स्टार्टअप्स के रूप में नई उड़ान भर रहे हैं। अलवर जिले के युवा भी इस क्षेत्र में पीछे नहीं हैं। खेती-बाड़ी, गो-उत्पाद, एग्रीटेक और मशीनरी जैसे विभिन्न क्षेत्रों में नए-नए प्रयोग कर युवा जिले का नाम रोशन कर रहे हैं।
सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग की ओर से स्टार्टअप शुरू करने वाले युवाओं को एक साझा मंच उपलब्ध कराया जा रहा है। इससे युवा न केवल अपने आइडिया पर काम कर पा रहे हैं, बल्कि एक-दूसरे से सीख भी रहे हैं। प्रदेश में अब तक साढ़े सात हजार से अधिक स्टार्टअप पंजीकृत हो चुके हैं। इनमें से अलवर जिले में करीब 76 स्टार्टअप पंजीकृत हैं। इनमें से कुछ को राज्य सरकार की ओर से अनुदान मिल चुका है, जबकि अन्य चयन प्रक्रिया में हैं।
राज्य सरकार ने वर्ष 2017 में स्टार्टअप नीति लागू की थी। इसी के तहत वर्ष 2025 में अलवर शहर के बाबू शोभाराम कला महाविद्यालय और नवीन स्कूल में लॉन्च पैड स्थापित किए गए हैं। यहां युवा अपने स्टार्टअप के लिए कार्य कर सकते हैं। लॉन्च पैड को-ऑर्डिनेटर अनिरवाण बनर्जी ने बताया कि युवाओं में स्टार्टअप को लेकर अच्छा रुझान देखने को मिल रहा है। इसका उद्देश्य युवाओं को नौकरी मांगने वाला नहीं, बल्कि नौकरी देने वाला बनाना है।
उन्होंने बताया कि स्कूल और कॉलेज स्तर पर स्टार्टअप पर काम करने वाले कई युवाओं के पास अपना ऑफिस या आवश्यक संसाधन नहीं होते। ऐसे में लॉन्च पैड पर उन्हें प्रोफेशनल स्पेस, मार्गदर्शन और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। यहां पंजीकृत आईटी स्टार्टअप्स को कार्य के लिए प्रोफेशनल माहौल दिया जा रहा है।
अलवर शहर में दो लॉन्च पैड बनाए गए हैं। बाबू शोभाराम कला महाविद्यालय में चार स्टार्टअप पंजीकृत हो चुके हैं, जहां पूरा सेटअप तैयार है। वहीं नवीन स्कूल में कमरा उपलब्ध करा दिया गया है, लेकिन सेटअप की प्रक्रिया अभी जारी है। लॉन्च पैड को-ऑर्डिनेटर निखिल ने बताया कि फिलहाल स्कूलों में सेशन लिए जा रहे हैं और सेटअप पूरा होते ही कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
राजगढ़ निवासी अजीत शर्मा को राज्य सरकार की ओर से स्टार्टअप इनोवेशन के तहत एग्रीटेक क्षेत्र में नवाचार के लिए छह लाख रुपए की प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई है।
सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग की डीसीपी नीतू बसवाल ने बताया कि विभाग की ओर से डोमेन एक्सपर्ट नियुक्त किए गए हैं, जो स्कूल और कॉलेजों में जाकर विद्यार्थियों को स्टार्टअप के लिए प्रेरित कर रहे हैं। साथ ही आउटरीच सेशन के माध्यम से नवाचार को बढ़ावा दिया जा रहा है।