अलवर

विकास कार्य करवाने के लिए विधायकों को फुर्सत नहीं, बैठक हुई स्थगित

अलवर जिले के विधायकों के पास जनता के विकास के लिए भी समय नहीं है। नगर परिषद में होने वाली सभा में एक भी विधायक नहीं पहुंचा।
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Apr 17, 2018
ZILA PARISHHAD MEETING POSTPONE DUE TO ABSENCE OF MLA'S

अलवर. जिले के विधायक एवं सांसदों को विकास कार्यों से जुड़ी बैठकों में शामिल होने तक की फुर्सत नहीं है। तभी तो करीब दस माह बाद आयोजित जिला परिषद की साधारण सभा की बैठक में जिले के 11 विधायकों में से केवल एक विधायक ही पहुंचे। इसका नतीजा यह हुआ कि कोरम के अभाव में एक बार फिर बैठक स्थगित हो गई। ऐसा तीसरी बार हुआ। इससे पहले भी दो बार ग्रामीण विकास से जुड़ी यह बैठक स्थगित हो चुकी है। तब आचार संहिता और विधानसभा-लोकसभा सत्र का चलना इसका कारण बना। करीब दस माह बाद सोमवार को एक बार फिर बैठक बुलाई गई, लेकिन निर्धारित समय तक केवल 20 जनप्रतिनिधि बैठक में पहुंचे। जबकि बैठक में सांसद, विधायक, जिला परिषद सदस्यों सहित 78 जनप्रतिनिधियों को शामिल होना था। कोरम पूर्ति के लिए भी 26 जनप्रतिनिधियों की आवश्कता थी। करीब 40 मिनट तक अन्य जनप्रतिनिधियों के बैठक में पहुंचने का इंतजार किया गया। इसके बाद जिला प्रमुख रेखा राजू यादव ने कोरम के अभाव में बैठक को स्थगित कर दिया। गौरतलब है कि इससे पहले साधारण सभा की बैठक 21 अप्रेल 2017 को हुई थी।

अनुपस्थित पार्षदों को नोटिस के दिए निर्देश

बैठक में जनप्रतिनिधियों के नहीं पहुंचने एवं कोरम के अभाव में उसके स्थगित होने पर जिला प्रमुख को कहना पड़ा कि जनप्रतिनिधि बैठकों को लेकर सजग नहीं हैं। उन्होंने पंचायत राज एक्ट के तहत लगातार तीन बैठकों में अनुपस्थित रहे पार्षदों को नोटिस देकर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। बैठक के स्थगित होने से अलवर ग्रामीण विधायक सहित अन्य जनप्रतिनिधि भी नाखुश दिखे।

उन्होंने मुख्य कार्यकारी अधिकारी पर बिना तैयारी बैठक आयोजित करने एवं इसकी सूचना समय पर जनप्रतिनिधियों को नहीं देने का आरोप लगाया। विधायक जयराम ने तो यहां तक कह डाला कि बैठक स्थगित होने से सरकार की छवि खराब होती है। ये मैसेज सरकार के खिलाफ जा रहा है। उधर, बैठक स्थगित होने के बाद किशनगढ़बास व तिजारा विधायक भी जिला परिषद पहुंचे, जिन्हें बैरंग लौटना पड़ा।

Published on:
17 Apr 2018 07:56 am