यूँ तो पिछले कुछ दिनों में रुक रुक कर कई बार बारिश हो चुकी है, लेकिन उस बारिश से किसी को बहुत राहत नहीं मिल सकी थी| शनिवार को सुबह से ही मॉनसून की शुरू हुई बरसात से शहरी क्षेत्रों के साथ ग्रामीण अंचलों भी झूम उठे| लोगों को प्रचंड गर्मी से भी राहत मिली है| सबसे ज्यादा ख़ुशी तो गांवों में देखने को मिली| खेतों में इस समय धान की रोपाई का कार्य शुरू हुआ है, लेकिन बरसात न होने के कारण धान की रोपाई प्रभावित हो रही थी| जो सम्पन्न किसान थे वे तो ट्यूबवेल से सिंचाई कर धान रोप ले रहे थे, लेकिन उसमे खर्च ज्यादा हो रहा था| मानसून की इस बरसात ने किसानों को इन समस्याओं से निजात दिला दिया| किसान सती प्रसाद तिवारी ने बताया कि इस बरसात से उन्हें बड़ा लाभ हुआ है| जहाँ सिंचाई के लिए डीजल के पैसे बचे हैं वहीं बरसात के कारण फसल भी अच्छी होने की उम्मीद है| किसान अवधेश भी इस बात को मानते हैं कि बारिश की अच्छी शुरुआत हुई है और सभी खेतों में पानी भर गया है| इससे अधिकांश किसान धान की फसल का रोपड़ शुरू चुके हैं|
कृषि विभाग का दावा-अच्छी बरसात हुई तो धान की पैदावार से बनेगा रिकार्ड-
उप कृषि निदेशक विनोद कुमार ने बताया कि पिछली कई फसलों में मौसम की मार से किसान बदहाल हो गया है, लेकिन इस साल अच्छी बारिश की उम्मीद मौसम विभाग ने जताई है| उन्होंने कहा कि मानसून की पहली बरसात ही अच्छी रही जो पूरे जिले में सामान रूप से हुई है| उन्होंने कहा कि एक अनुमान के मुताबिक 50 मिलीमीटर वर्षा हो चुकी है, जो किसानों को धान की रोपाई के लिए बहुत उपयोगी है| उन्होंने बताया कि यह बरसात पूरे महीने एक एक दो दो दिन के अंतराल पर होने की उम्मीद है| उन्होंने यह भी कहा कि इस बरसात से जहाँ किसानों के धन की बचत हुई है वहीं फसल की पैदावार अच्छी होने की उम्मीद है और अगर मौसम ने ऐसे ही साथ दिया तो इस साल धान की पैदावार में जिला रिकॉर्ड कायम करेगा| उप कृषि निदेशक ने बताया कि कृषि विभाग किसानों के हितों में कोई कमी नहीं कर रहा है और सभी प्रकार के खाद और कीटनाशक जिले में उपलब्ध है, जिनके प्रयोग से फसल को नुकसान से बचाया जा सकेगा|