
NEET UG Paper Leak 2026 (AI Image)
NEET UG Paper Leak 2026: नीट यूजी 2026 पेपर लीक विवाद को लेकर गुरुवार को संसद की स्थायी समिति की बैठक में जमकर बहस हुई। इस दौरान नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के वरिष्ठ अधिकारियों से विपक्षी सांसदों ने कई तीखे सवाल पूछे। हालांकि, बैठक में सबसे ज्यादा चर्चा उस बयान की रही, जिसमें NTA अधिकारियों ने कहा कि वे अभी तक NEET पेपर को 'लीक' नहीं मानते।
सूत्रों के मुताबिक, NTA के अधिकारियों ने समिति के सामने कहा कि जब तक केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी CBI आधिकारिक तौर पर यह नहीं कहती कि पेपर लीक हुआ है, तब तक एजेंसी इसे पेपर लीक नहीं मानेगी।
संसद की शिक्षा, महिला, बाल, युवा और खेल मामलों की स्थायी समिति ने NEET विवाद पर NTA के शीर्ष अधिकारियों को तलब किया था। बैठक की अध्यक्षता कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने की।
बैठक में NTA अध्यक्ष प्रदीप कुमार जोशी और महानिदेशक अभिषेक सिंह मौजूद रहे। विपक्षी सांसदों ने सवाल उठाया कि अगर पेपर लीक नहीं हुआ था, तो परीक्षा रद्द क्यों की गई और दोबारा परीक्षा कराने की जरूरत क्यों पड़ी।
सूत्रों के अनुसार, इस सवाल पर NTA अधिकारियों के पास कोई स्पष्ट जवाब नहीं था। अधिकारियों ने कहा कि परीक्षा के दौरान कुछ गड़बड़ियां सामने आई थीं और छात्रों का भरोसा बनाए रखने के लिए दोबारा परीक्षा कराने का फैसला लिया गया।
बैठक के दौरान NTA के महानिदेशक अभिषेक सिंह ने कहा कि एजेंसी के सिस्टम से कोई पेपर लीक नहीं हुआ। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ सवाल परीक्षा के दौरान बाहर जरूर पहुंचे थे लेकिन इसे पूरे पेपर का लीक होना नहीं कहा जा सकता।
इस बयान के बाद विपक्षी सांसदों ने एजेंसी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए और कहा कि लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़े मामले में जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।
नीट यूजी 2026 परीक्षा 3 मई को आयोजित की गई थी। परीक्षा के कुछ दिनों बाद सोशल मीडिया और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म पर कथित प्रश्नपत्र और PDF वायरल होने लगे। इसके बाद पेपर लीक के आरोपों ने तूल पकड़ लिया।
बढ़ते विवाद के बीच NTA ने परीक्षा रद्द कर दी और दोबारा परीक्षा कराने का फैसला लिया। अब नीट यूजी की दोबारा परीक्षा 21 जून को आयोजित होगी।
मामले की जांच अब CBI कर रही है। शुरुआती जांच में राजस्थान, महाराष्ट्र, हरियाणा और केरल तक फैले नेटवर्क का खुलासा हुआ है।
जांच एजेंसी के अनुसार, पेपर को पहले हाथ से लिखा गया और बाद में उसे स्कैन कर PDF तैयार की गई। आरोप है कि यह सामग्री कोचिंग नेटवर्क और विभिन्न समूहों के जरिए छात्रों तक पहुंचाई गई। CBI की जांच में यह भी सामने आया है कि कुछ छात्रों से कथित तौर पर 2 लाख से 5 लाख रुपये तक वसूले गए थे। मामले में कई लोगों की गिरफ्तारी भी हो चुकी है, जिनमें कोचिंग संचालक, शिक्षक और कुछ अभ्यर्थियों के परिजन शामिल हैं।
NEET विवाद के बाद छात्रों और अभिभावकों में लगातार नाराजगी बनी हुई है। कई छात्रों का कहना है कि परीक्षा रद्द होने और दोबारा परीक्षा की घोषणा से मानसिक दबाव बढ़ा है।
विपक्षी दल भी सरकार और NTA पर लगातार निशाना साध रहे हैं। उनका कहना है कि देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा में इस तरह की गड़बड़ी शिक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा करती है।
Updated on:
22 May 2026 03:28 am
Published on:
22 May 2026 03:28 am
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