21 मई 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

NEET पेपर लीक विवाद: कर्नाटक के मंत्री ने धर्मेंद्र प्रधान से मांगा इस्तीफा, लगाया भ्रष्टाचार का आरोप

NEET-UG 2026 पेपर लीक विवाद पर कर्नाटक मंत्री ईश्वर खंड्रे ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफे की मांग की। जानिए NTA, संसद समिति और दोबारा परीक्षा को लेकर क्या है पूरा मामला।

2 min read
Google source verification

भारत

image

Rahul Yadav

May 21, 2026

NEET UG 2026 Paper Leak

NEET UG 2026 Paper Leak (AI Image)

NEET UG 2026 Paper Leak: नीट यूजी 2026 पेपर लीक मामले को लेकर देशभर में विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। छात्रों और अभिभावकों के गुस्से के बीच अब राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। कर्नाटक सरकार में मंत्री ईश्वर खंड्रे ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर निशाना साधते हुए उनसे इस्तीफे की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार छात्रों के भविष्य की सुरक्षा करने में नाकाम रही है और शिक्षा व्यवस्था में भ्रष्टाचार बढ़ता जा रहा है।

22 लाख छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़

बेंगलुरु में मीडिया से बात करते हुए ईश्वर खंड्रे ने कहा कि NEET-UG पेपर लीक कोई छोटी घटना नहीं है। यह सीधे तौर पर लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़ा मामला है। उन्होंने कहा कि इस परीक्षा में करीब 22 लाख छात्र शामिल हुए थे, लेकिन सरकार परीक्षा की गोपनीयता बनाए रखने में विफल रही।

खंड्रे ने आरोप लगाया कि शिक्षा व्यवस्था पर एजुकेशन माफिया और मेडिकल सीट माफिया का प्रभाव बढ़ता जा रहा है। उन्होंने कहा हर साल किसी न किसी परीक्षा में गड़बड़ी सामने आना यह दिखाता है कि सिस्टम में गंभीर खामियां हैं। कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री को इस पूरे मामले की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देना चाहिए।

संसद समिति के सामने पेश हुए NTA अधिकारी

इस विवाद के बीच नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के महानिदेशक अभिषेक सिंह और शिक्षा सचिव विनीत जोशी संसद की स्थायी समिति के सामने पेश हुए। बैठक करीब पांच घंटे तक चली, जिसमें NEET-UG पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली में सुधार को लेकर चर्चा हुई।

सूत्रों के मुताबिक समिति के सदस्यों ने अधिकारियों से पूछा कि आखिर इतनी बड़ी परीक्षा में सुरक्षा व्यवस्था कैसे कमजोर पड़ गई। साथ ही यह भी चर्चा हुई कि भविष्य में परीक्षा प्रक्रिया को ज्यादा सुरक्षित और पारदर्शी कैसे बनाया जा सकता है।

अगले साल से कंप्यूटर आधारित परीक्षा की तैयारी

केंद्र सरकार अब NEET-UG परीक्षा को अगले साल से पूरी तरह कंप्यूटर आधारित टेस्ट यानी CBT मोड में कराने की तैयारी कर रही है। माना जा रहा है कि इससे पेपर लीक जैसी घटनाओं पर रोक लगाने में मदद मिल सकती है।

इस साल 3 मई को आयोजित हुई NEET-UG परीक्षा को पेपर लीक के आरोपों के बाद 12 मई को रद्द कर दिया गया था। परीक्षा देश के 551 शहरों और विदेश के 14 शहरों में आयोजित हुई थी। अब दोबारा परीक्षा 21 जून को कराई जाएगी, जिसके लिए सुरक्षा व्यवस्था पहले से ज्यादा कड़ी करने के निर्देश दिए गए हैं।

छात्रों और अभिभावकों में बढ़ी चिंता

पेपर लीक विवाद के बाद छात्रों और अभिभावकों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। कई छात्रों का कहना है कि उन्होंने महीनों की मेहनत और तैयारी की थी, लेकिन अब दोबारा परीक्षा देने का दबाव उनके मानसिक तनाव को बढ़ा रहा है।

वहीं विपक्षी दल लगातार केंद्र सरकार पर हमला बोल रहे हैं। उनका कहना है कि अगर देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा ही सुरक्षित नहीं रह पाएगी, तो छात्रों का भरोसा शिक्षा व्यवस्था से उठ जाएगा।

बड़ी खबरें

View All

राष्ट्रीय

ट्रेंडिंग