
Supreme Court Judges Appointment 2026 (AI Image)
Supreme Court Judges Appointment 2026: देश में एक ओर बढ़ते मुकदमों का बोझ न्यायपालिका और सरकार दोनों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है, वहीं दूसरी ओर सुप्रीम कोर्ट में पिछले करीब छह माह यानी 178 दिन से जज का एक पद खाली पड़ा है। यह पद पूर्व मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) बीआर गवई के 23 नवंबर 2025 को सेवानिवृत्त होने के बाद खाली हुआ था। इसके बाद 15 अप्रैल 2026 को जस्टिस राजेश बिंदल के रिटायर होने से शीर्ष अदालत में खाली पदों की संख्या बढ़कर दो हो गई।
दिलचस्प बात यह है कि मौजूदा सीजेआई सूर्यकांत ने 24 नवंबर 2025 को पदभार संभालने के बाद से अब तक सुप्रीम कोर्ट में किसी नए जज की नियुक्ति के लिए कोई सिफारिश नहीं की है। हालांकि, हाल ही केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या 34 से बढ़ाकर 38 कर दी है। इसमें मुख्य न्यायाधीश समेत कुल 38 पद शामिल होंगे।
इस फैसले को इतना जरूरी माना गया कि संसद सत्र का इंतजार किए बिना राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने शनिवार को अध्यादेश जारी कर सुप्रीम कोर्ट (जजों की संख्या) अधिनियम, 1956 में संशोधन को मंजूरी दे दी।
माना जा रहा है कि अब जल्द ही सीजेआई सूर्यकांत की अध्यक्षता में सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की बैठक होगी, जिसमें एक साथ छह जजों की नियुक्ति के लिए सिफारिश की जा सकती है।
सुप्रीम कोर्ट में इतने लंबे समय तक जज का पद खाली रहना संभवतः पहला मामला माना जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की सिफारिशों को सार्वजनिक करने की परंपरा पूर्व सीजेआई दीपक मिश्रा के कार्यकाल में शुरू हुई थी।
इसके बाद के रिकॉर्ड बताते हैं कि पूर्व सीजेआई बीआर गवई की अध्यक्षता वाले कॉलेजियम ने महज 13 दिनों में सुप्रीम कोर्ट में तीन नए जजों की नियुक्ति की सिफारिश की थी। वहीं, उनसे पहले सीजेआई संजीव खन्ना के कॉलेजियम ने सिर्फ 16 दिनों में एक जज की नियुक्ति की अनुशंसा की थी।
जानकार सूत्रों के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या बढ़ाने का फैसला सीजेआई सूर्यकांत के आग्रह पर लिया गया। बताया जा रहा है कि उन्होंने फरवरी 2026 में केंद्र सरकार को पत्र लिखकर जजों की संख्या बढ़ाने की मांग की थी।
पत्र में लंबित मामलों के तेजी से निपटारे और नियमित संविधान पीठों की जरूरत का हवाला दिया गया था। इसी के बाद केंद्र सरकार ने पद बढ़ाने पर सहमति जताई।
सुप्रीम कोर्ट में नए जजों के लिए अस्थायी कक्षों की व्यवस्था भी की गई है। साथ ही अतिरिक्त कक्षों और कम से कम एक नए अदालत कक्ष के निर्माण का काम भी शुरू हो चुका है।
सुप्रीम कोर्ट की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार जून 2026 में दो और जज सेवानिवृत्त होने वाले हैं। इनमें जस्टिस पंकज मिथल 16 जून को और जस्टिस जेके माहेश्वरी 28 जून को 65 वर्ष की आयु पूरी होने पर रिटायर होंगे। ऐसे में शीर्ष अदालत में खाली पदों की संख्या और बढ़ने की संभावना है।
राष्ट्रीय न्यायिक डेटा ग्रिड (एनजेडीजी) के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट में इस समय कुल 93,848 मामले लंबित हैं।
हालांकि सुप्रीम कोर्ट में नियुक्तियों को लेकर देरी बनी हुई है, लेकिन सीजेआई सूर्यकांत की अध्यक्षता वाला कॉलेजियम हाईकोर्टों में जजों की नियुक्तियों को लेकर सक्रिय नजर आ रहा है।
पिछले छह महीनों में कॉलेजियम ने विभिन्न हाईकोर्टों में 61 जजों की नियुक्ति की सिफारिश की है। इनमें से कई सिफारिशों पर केंद्र सरकार नियुक्तियां भी कर चुकी है।
Updated on:
22 May 2026 04:07 am
Published on:
22 May 2026 04:06 am
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