
अम्बेडकर नगर. जिले की टांडा तहसील में फैले भ्रष्टाचार के खिलाफ यहाँ के अधिवक्ता कई दिनों से हड़ताल पर हैं और तहसील में तैनात एसडीएम कोमल यादव, तहसीलदार सुदामा वर्मा और कई कर्मचारियों के भ्रष्टाचार के खिलाफ लगातार आंदोलन कर रहे हैं। इसी बीच बृहस्पतिवार को कश्मीर के पुलवामा में बड़े आतंकी हमले में शहीद हुए जवानों को लेकर पूरा देश स्तब्ध और शोक में डूबा है। दुख की इस घड़ी में यहां के अधिवक्ता श्रद्धांजलि सभा का आयोजन करने जा ही रहे थे कि अचानक एसडीएम ने अपनी अदालत में मुकदमों को लेकर पुकार लगवाना शुरू कर दी। जिसको लेकर सारे अधिवक्ता आक्रोशित हो उठे और दौड़ते हुए एसडीएम न्यायालय के बाहर पहुंच कर जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी।
अधिवक्ताओं से वार्ता करने पहुंचे एसडीएम को भागना पड़ा उल्टे पैर-
अधिवक्ताओं के उग्र रूप को देखकर एसडीएम ने कोतवाली टांडा के प्रभारी निरीक्षक व पुलिस बल के साथ अधिवक्ताओं के बीच पहुंच कर वार्ता कर अदालत के संचालन करने की बात कही, जिस पर सारे अधिवक्ता एक बार फिर भड़क गए और उनके सामने ही जमकर नारेबाजी शुरू कर दी। अधिवक्ता इतने उग्र हो गए कि एसडीएम पुलिस को मौके पर ही छोड़कर अपनी गाड़ी में बैठ तहसील से भाग निकले।
अधिवक्ता संघ ने एसडीएम के कृत्य की की निंदा-
एसडीएम के मौके से भाग जाने के बाद संघ अध्यक्ष मोहम्मद जावेद सिद्दीकी की अध्यक्षता में वहीं एक शहीद हुए जवानों के प्रति दो मिनट मौन रहकर अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की और एसडीएम के व्यवहार की भर्त्सना की। जावेद सिद्दीकी ने कहा कि जब पूरा देश इस शोक में डूबा है, ऐसे में एसडीएम द्वारा अधिवक्ताओं की तरफ से आयोजित श्रद्धांजलि सभा को दरकिनार कर मुकदमों की सुनवाई के प्रयास किया गया है, जो शहीदों का अपमान है। इस मौके पर अधिवक्ता संघ के पूर्व अध्यक्ष महेंद्र नाथ श्रीवास्तव, सत्यप्रकाश मौर्य, नरेंद्र पांडेय, जेपी तिवारी, शाह मोहम्मद, अजय प्रताप श्रीवास्तव, मधुबन वर्मा, दिलीप माझी, अरुण वर्मा सहित सैकड़ों कई संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे।