
IPS अधिकारी की मां की हत्या पर चंद्रशेखर आजाद की प्रतिक्रिया (फोटो- पत्रिका)
Ashutosh Mishra Mother Death Case: उत्तर प्रदेश के अंबेडकर नगर जिले में एक वरिष्ठ IPS अधिकारी आशुतोष मिश्रा की बुजुर्ग मां इंद्रावती जी की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। पुलिस के मुताबिक, शुरुआत में मौत की वजह हार्ट अटैक बताई गई थी, लेकिन बाद में आशुतोष मिश्रा ने मां की हत्या की आशंका जताई। इस घटना को लेकर आजाद समाज पार्टी के प्रमुख और सांसद चंद्रशेखर आजाद ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट लिखकर UP पुलिस की कार्यशैली और मीडिया की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
सांसद चंद्रशेखर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए लिखा है कि पीड़ित परिवार ने इस मामले में हत्या की आशंका जताई है और घर से गहने गायब होने की भी बात कही है। दूसरी तरफ पुलिस यह दावा कर रही है कि यह एक स्वाभाविक मौत है और गायब हुए गहने भी बरामद कर लिए गए हैं। लेकिन खुद IPS अधिकारी आशुतोष मिश्रा ने पुलिस के इन दावों को सिरे से खारिज कर दिया है।
चंद्रशेखर आजाद ने बताया कि IPS आशुतोष मिश्रा का साफ कहना है कि अब तक न तो उनकी मां की मौत का सही कारण स्पष्ट हो पाया है और न ही परिवार को कोई गहने वापस मिले हैं। बात यहीं खत्म नहीं होती बल्कि आशुतोष मिश्रा ने पुलिस को यहां तक चुनौती दे डाली है कि अगर पुलिस के दावों के अनुसार गहने पहले ही बरामद हो चुके हैं तो पुलिस उनके घर पर छापा मारे और गहने जब्त करके दिखाए कि आखिर वे गहने कहां हैं?
इस पूरे घटनाक्रम पर गहरी चिंता जताते हुए चंद्रशेखर आजाद ने सबसे बड़ा सवाल उठाया है कि जब एक वरिष्ठ IPS अधिकारी को ही अपनी सगी मां की मौत के मामले में पुलिस के दावों पर सवाल उठाने पड़ रहे हैं तो फिर उस आम आदमी की फरियाद कौन सुनेगा जिसके पास न तो कोई पद है, न पहुंच और न ही कोई प्रभाव। उन्होंने कहा कि यह केवल एक परिवार का सवाल नहीं है बल्कि यह उस हर आम नागरिक का सवाल है जो न्याय के लिए इस सिस्टम पर भरोसा करता है।
चंद्रशेखर आजाद ने इस मामले में मीडिया की भूमिका पर भी आपत्ति जाहिर की है। उन्होंने कहा कि परिवार का पक्ष जाने बिना और किसी ठोस सबूत के बिना ही इस पूरी घटना को झूठा करार देने वाली मीडिया रिपोर्टिंग बेहद चिंताजनक है। आखिर में उन्होंने पूछा कि, "अगर न्याय पाने के लिए एक IPS अधिकारी को अपनी आवाज उठानी पड़ रही है तो फिर, आम आदमी न्याय के लिए आखिर किस दरवाजे पर दस्तक दे?"
आईपीएस अधिकारी आशुतोष मिश्रा मूल रूप से अंबेडकर नगर के रूढ़ा धमरूआ गांव के रहने वाले हैं। वह अपने माता-पिता की इकलौती संतान हैं। उनके पिता रामकुमार मिश्रा एक राजकीय इंटर कॉलेज के प्रिंसिपल थे जिनका करीब डेढ़ साल पहले निधन हो गया था। इसके बाद से उनकी 94 वर्षीय मां इंद्रावती गांव के घर में अकेली रहती थीं।
आईपीएस अधिकारी ने अपनी मां की देखभाल के लिए पियारी नाम की एक नौकरानी को काम पर रखा हुआ था। रविवार सुबह करीब 9 बजे जब नौकरानी घर की साफ सफाई करने पहुंची तो उसने देखा कि इंद्रावती तख्त पर बेसुध पड़ी हैं। जब उसने आवाज दी और कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली तो वह पास गई। वहां उसने इंद्रावती को मृत पाया और तुरंत पड़ोस में रहने वाले आईपीएस के चाचा रमेश चंद्र मिश्रा को इसकी सूचना दी। रमेश चंद्र ने मौके पर पहुंचकर स्थिति देखी और भतीजे आशुतोष मिश्रा को फोन करके घटना की जानकारी दी। फिलहाल पुलिस इस हाई प्रोफाइल मर्डर केस की जांच कर रही है।
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Updated on:
19 Aug 2026 12:02 pm
Published on:
19 Aug 2026 12:02 pm
