अम्बेडकर नगर

बम्पर उत्पादन के बावजूद यहां गन्ना किसान हैं बदहाल

देश को जिन्न आवश्यक वस्तुओं की जरूरत है, उसमें से गन्ना एक प्रमुख फसल है।
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ambedkar nagar
बम्पर उत्पादन के बावजूद यहां गन्ना किसान हैं बदहाल

अम्बेडकर नगर. देश को जिन्न आवश्यक वस्तुओं की जरूरत है, उसमें से गन्ना एक प्रमुख फसल है। उत्तर प्रदेश में किसान गन्ने की खेती प्रमुख रूप से करता है, जिसमें पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अधिकांश जिले तो विशेष तौर पर गन्ने की खेती के लिए जाने जाते हैं, लेकिन बाकी प्रदेश में भी गन्ने की खेती बहुतायत मात्रा में की जाती है। अम्बेडकर नगर जिले में भी गन्ने की खेती बड़े पैमाने पर होती है और पिछले वर्षों की तुलना में इस वर्ष गन्ने की फसल काफी अच्छी हुई है, लेकिन अच्छी फसल होने के बावजूद किसानों को उतनी ख़ुशी नहीं हो रही है, जितनी होनी चाहिए। इसके पीछे जब कारण की तलाश की गई तो चीनी मिल की मनमानी सामने आई।


दरअसल अम्बेडकर नगर में स्थित अकबरपुर चीनी मिल इस जिले के किसानों का गन्ना खरीदता रहा है। साथ ही अन्य कई पड़ोसी जिलों से भी अकबरपुर चीनी मिल गन्ने की खरीददारी करता है। इस वर्ष अच्छा उत्पादन होने की वजह से चीनी के भाव में काफी गिरावट आई है और इसी वजह से काफी संख्या में किसानों के गन्ने की उपज अभी खेतों में खड़ी होने के बावजूद चीनी मिल की तरफ से क्रयदारी बंद कर दी गई और इस वजह से बहुत से किसानों की फसल खेतों में ही खड़ी सूख रही है।


पेराई चालू लेकिन खरीददारी हुई बंद
गन्ना किसानों की फसल को चीनी मिल की खरीददारी के लिए शासन और प्रशासन की तरफ से तमाम निर्देश जारी किये जाते हैं, लेकिन मिल मालिकों पर इसका कोई ख़ास असर नहीं होता है। गन्ने की खरीदारी के समय किसानों को मिल के कर्मचारियों की तरफ से काफी परेशान किया जाता है। कभी पर्ची देने को लेकर तो कभी तौल होने में अड़चन पैदा करके। इस वर्ष तो फसल अच्छी होने से गन्ना तौल में भी अधिक हुआ, जिसका भी खामियाजा किसानों को कम पर्ची पाकर भोगना पड़ा । खेतों के क्षेत्रफल के आधार पर निर्धारित किये गए मानक से अधिक उपज होने से चीनी मिल से किसानों को कम पर्ची मिली । चीनी के दाम में लगातार हुई गिरावट के बाद चीनी मिल भी बाकी बचे किसानों के गन्ने की फसल को खरीदने में कोई दिलचस्पी दिखाने के बजाय । 26 अप्रैल से खरीददारी बंद कर दिया है हालांकि पहले से क्रय किये गए गन्ने की पेराई का कार्य मिल में अभी भी चल रहा है ।


जिले में नहीं है कोई गन्ना अधिकारी
गन्ना किसानों की समस्याओं के सम्बन्ध में जब जिला मुख्यालय पर स्थिति गन्ना विभाग की आफिस में सम्पर्क किया गया तो यहाँ जो सबसे ज्यादा चौंकाने वाला मामला सामने आया वह यह कि अम्बेडकर नगर जिला गठन होने 23 साल बाद भी इस जिले को कोई गन्ना अधिकारी नहीं मिल सका है । 1995 में अम्बेडकर नगर जिले का गठन किया गया, जिसके बाद लगभग सभी विभाग यहाँ धीरे धीरे करके कायम किये गए, लेकिन यहाँ पर आजतक जिला गन्ना अधिकारी का पद ही नहीं सृजित किया गया । जिला गठन होने के बाद से यहाँ के गन्ना विभाग का प्रभार फैजाबाद जिले के गन्ना अधिकारी के पास ही रहता है, जिसके कारण कई बार किसानों को अपनी समस्या के सम्बन्ध में या तो फैजाबाद जाना पड़ता या फिर संतोष करना पड़ता है ।


गन्ना किसान वेद प्रकाश वर्मा, राम अर्ज वर्मा और कई अन्य गन्ना किसान बताते हैं कि कई बार यहाँ जिला गन्ना अधिकारी की तैनाती के लिए जन प्रतिनिधियों और सपा एवं बसपा के शासन काल में जिले के जनप्रतिनिधि मंत्रियों से भी मांग की गई, लेकिन उसके बावजूद यहाँ किसी जिला गन्ना अधिकारी की तैनाती नहीं की गई ।


गन्ना विभाग की नजर में सबकुछ है ठीकठाक
जिला मुख्यालय पर स्थिति गन्ना विभाग के कार्यालय में तैनात कर्मचारी अशोक सिंह ने बताया कि जिला गन्ना अधिकारी यहाँ कोई नहीं है । जिले में गन्ने की फसल का आंकड़ा बताते हुए उन्होंने कहाकि पिछले कई वर्षों की तुलना में यहाँ गन्ने की फसल 20 हजार हेक्टेयर से अधिक क्षेत्रफल पर लगाईं गई थी और इस वर्ष गन्ने का उत्पादन भी रिकार्ड तोड़ रहा । उन्होंने बताया कि इस वर्ष गन्ने की क्रयदारी हुई है, जो पिछले सत्र की तुलना में तीन हजार हेक्टेयर भूमि पर अधिक फसल लगाईं गई है । उन्होंने बताया कि इस वर्ष 70 लाख कुंतल से अधिक गन्ना किसानों से मिल द्वारा खरीदा गया है । अशोक सिंह ने गन्ना विभाग द्वारा तैयार किये गए आंकड़े के अनुसार बताया कि इस वर्ष 20 मार्च तक गन्ना खरीद में किसानों का कुल देय 22193.68 लाख रूपये थी, जिसके सापेक्ष किसानों को 16223.02 लाख का भुगतान किया गया है और 5971.66 लाख धनराशि बकाया है । अशोक कुमार सिंह इस बात से इनकार करते हैं कि अम्बेडकर नगर में किसानों के गन्ने की फसल अभी खेतों मे खड़ी है । उनका कहना है कि जो गन्ना खेत में है, उसे किसान अपने बीज के लिए छोड़ रखा है, लेकिन इनको कौन बताये कि अब गन्ने की बाई का समय समाप्त हो चुका है। इसलिए खेतो में खड़ी गन्ने की फसल बीज का नहीं हो सकता।

Published on:
25 May 2018 12:38 pm
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