अंबिकापुर

आंगन में रखे फूल के गमले को हटाते समय छिपकर मौत देख रही थी राह, फिर 3 दिन ही रह पाया जिंदा

फूल के पौधों की सिंचाई करते समय गमले के पीछे छिपकर बैठी मौत से हो गया था सामना
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Updated: 24 Sep 2018, 2:19 PM IST
Dead body
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अंबिकापुर. एक व्यक्ति के घर के आंगन में फूल के कई गमले रखे हुए थे। वह पौधों की सिंचाई कर रहा था। इस दौरान वह एक गमले को हटा रहा था। इसी बीच गमले के पीछे छिपकर बैठे जहरीले सांप ने अचानक हाथ में डस लिया। सांप के डसने के बाद उसे तत्काल स्थानीय अस्पताल ले जाया गया।

यहां प्राथमिक उपचार पश्चात डॉक्टरों ने उसे मेडिकल कॉलेज अस्पताल अंबिकापुर के लिए रेफर कर दिया। यहां इलाज के दौरान 3 दिन बाद उसकी मौत हो गई। पुलिस ने पीएम पश्चात शव उसके परिजन को सौंप दिया। संर्पदंश से मौत के बाद परिजन में मातम पसरा हुआ है।


सरगुजा संभा गके जशपुर जिले में हर साल सबसे अधिक सर्पदंश की घटनाएं होती हैं। यहां से आए दिन सर्पदंश से लोगों की मौत की खबर आती रहती हैं। इसी कड़ी में बुधवार को एक और ग्रामीण को सांप ने डस लिया। घटना जशपुर जिले के ग्राम भभरी की है। बुधवार की शाम ४३ वर्षीय मोहन भगत घर के आंगन में लगे फूल के पौधों की सिंचाई कर रहा था।

इस दौरान उसके द्वारा एक गमले को हटाने का प्रयास किया जा रहा था। इसी बीच गमले के पीछे छिपकर बैठे जहरीले सांप ने उसके हाथ में डस लिया। सांप डसने की जानकारी उसने तत्काल घर के अन्य सदस्यों को दी। सर्पदंश की खबर सुनते ही परिजन के हाथ-पांव फुल गए। इसके बाद उसे तत्काल पास के ही स्वास्थ्य केंद्र में ले जाया गया।

यहां उसकी गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। इसके बाद परिजन उसे लेकर अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचे। यहां इलाज के दौरान वह 2 दिन तक जिंदा रहा और शनिवार को उसकी हालत और खराब हो गई। इससे पहले की डॉक्टर उसे संभाल पाते, उसने यहां दम तोड़ दिया।


परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
ग्रामीण की मौत से उसकी पत्नी व बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। इधर पुलिस ने पंचनामा पश्चात शव उसके परिजनों को सौंपा। गांव में जैसे ही उसका शव पहुंचा, वहां मातम पसर गया।

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