इंजीनियरिंग की तैयारी करने आज सुबह ट्रेन से निकलना था कोटा, मंगलवार को माता-पिता के साथ की थी शॉपिंग
अंबिकापुर. चंद घंटे बाद जिस बेटे को इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने के लिए जबलपुर ट्रेन से राजस्थान कोटा के लिए रवाना होना था। उसने घर की तीसरी मंजिल से अपनी मां के सामने ही कूद कर जान दे दी। आत्महत्या किए जाने का अब तक कोई स्पष्ट कारण सामने नहीं आया है। आत्महत्या करने से पहले बेटे ने अपने मोबाइल से पूरे डाटा को फार्मेट कर दिया है। मृतक ने इस वर्ष 12वीं की परीक्षा दी थी और वह कोटा में इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने जाने वाला था।
अंबिकापुर के विजय मार्ग निवासी संतोष अग्रवाल के 17 वर्षीय पुत्र सोहम अग्रवाल बुधवार को अपने घर के तीसरी मंजिल से कूदकर जान दे दी। सोहम होलीक्रॉस स्कूल का छात्र था तथा इस वर्ष उसने गणित विषय से कक्षा १२वीं की परीक्षा भी दी थी। आईआईटी के चयन के लिए उसने कुछ दिनों पूर्व कोटा के एक कोचिंग क्लास में प्रवेश हेतु परीक्षा भी दी थी। प्रवेश परीक्षा पास करने के बाद बुधवार को उसे कोटा के लिए रवाना होना था।
इसके लिए जबलपुर ट्रेन में उसका रिजर्वेशन भी था। कोटा जाने से पूर्व वह मंगलवार को काफी खुश था और परिजन व दोस्तों से मुलाकात भी की थी। शाम को वह बेडमिंटन खेलने भी मैदान गया हुआ था। देर शाम वह घर पहुंचा और खाना खाने के बाद अपने छोटे भाई के कमरे में उसके साथ चले गया। दोनों भाई काफी देर तक बातचीत भी किए लेकिन इसके बाद वह अपने कमरे में जाने के बाद पूरी रात सो नहीं पाया।
सुबह 5.15 बजे जब कार का ड्राइवर घर पहुंचा तो उसकी मां प्रीति अग्रवाल उसे उठाने के लिए कमरे में गई तो वहां वह नहीं था। सोहम की मां ने सोचा की वह बाथरूम गया होगा, वहां भी दरवाजा खटखटाया, लेकिन वह वहां भी नहीं था। इसकी जानकारी उन्होंने सोहम के पिता संतोष अग्रवाल को दी। पूरा परिवार उसे ढूंढने में लग गया।
इसी दौरान उसकी मां ने देखा कि छत की तरफ जाने वाला दरवाजा खुला हुआ है। उसने ऊपर जाकर देखा तो वहां भी सोहम नजर नहीं आया। उन्होंने छत के चारों तरफ देखा तो घर के पीछे की तरफ सोहम नीचे गिरा पड़ा था। यह देख सोहम की मां के होश उड़ गए। उन्होंने तत्काल इसकी जानकारी अपने पति को दी।
दोनों पति-पत्नी तत्काल नीचे पहुंचे। लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। सोहम की मौके पर ही मौत हो गई थी। आसपास के लोगों ने चिल्लाने की आवाज सुनकर हादसे की जानकारी तत्काल कोतवाली पुलिस को दी। कोतवाली पुलिस ने मौके पर पहुंच शव को पीएम के लिए मेडिकल कॉलेज अस्पताल रवाना किया। फिलहाल पुलिस मामले में मर्ग कायम कर विवेचना शुरू कर दी है।
पूरा परिवार है सदमें में
जिस बेटे को थोड़े ही देर में कोटा राजस्थान के लिए परिवार हंसी खुशी विदा करने वाला था। उसी बेटे का शव खून से लथपथ देख पूरा परिवार सदमें में आ गया था। आसपास मृतक के अन्य परिवार वाले भी रहते हैं। सभी को जानकारी लगते ही वहां पहुंच गए लेकिन सोहम को मृत पड़ा देख सभी सदमे में थे।
दोस्तों व शिक्षकों ने माता-पिता को बंधाया ढांढस
जैसे ही सोहम के मित्रों में उसके आत्महत्या की सूचना मिली। सभी गम में डूब गए। इसकी जानकारी होली क्रॉस स्कूल के शिक्षकों को भी हुई। सभी एक साथ घर में पहुंच सोहम के माता-पिता को ढाढ़स बंधाया। लेकिन दोनों अपना सुध-बुध खो चुके थे और मां का रो-रो कर बुरा हाल था।
कम्प्यूटर का था मास्टर माइंड
किसी बच्चे की किसी विशेष क्षेत्र में आगे जाने की अपनी इच्छा होती है। वैसे ही सोहम की बचपन से ही कम्प्यूटर के क्षेत्र में काफी रूची थी। दोस्तों के अनुसार वह कम्प्यूटर में मास्टर था। स्कूल में अगर किसी मित्र को कम्प्यूटर में परेशानी होती थी तो उसका वह सहयोग करता था और तत्काल उसके कम्प्यूटर को बना देता था। उसने घर में एक रोबोट भी बना रखा था। उसका पूरा कमरा कम्प्यूटर व उसके द्वारा बनाए गए सामान से भरा पड़ा था।
मोबाइल से डिलीट कर दी थी जानकारी
सोहम ने आत्महत्या करने से पूर्व अपनी मोबाइल का पूरा डाटा डिलीट कर दिया था। इसके साथ ही उसने अपने मोबाइल को भी फार्मेट कर दिया था। उसने अपने कॉन्टेक्ट नम्बर तक मोबाइल से डिलीट कर दिया था। इसकी वजह से भी उसके आत्महत्या करने की कोई भी जानकारी अब तक स्पष्ट नहीं हो सकी है।