
अंबिकापुर। मैनपाट (Mainpat) में नकना नहर व डेम वियर (Canal and dam) का अधूरा निर्माण कर ठेका कंपनियों को 13 करोड़ 58 लाख रुपए का भुगतान कर दिया गया।
इस संबंध में आरटीआई कार्यकर्ता (RTI activist) डीके सोनी की शिकायत पर छत्तीसगढ़ शासन जल संसाधन विभाग मंत्रालय महानदी भवन अटल नया रायपुर के विशेष कत्र्तव्यस्थ अधिकारी द्वारा मुख्य अभियंता हंसदेव गंगा कछार जल संसाधन विभाग रायपुर को विस्तृत जांच कर जांच (Investigation) प्रतिवेदन देने का आदेश दिया गया है।
आरटीआई कार्यकर्ता द्वारा की गई शिकायत में उल्लेख किया गया था कि मैनपाट जनपद अंतर्गत नकना व्यपवर्तन योजना के निर्माण हेतु 13 करोड़ 58 लाख 61 हजार की स्वीकृति प्रदान की गई थी।
इस कार्य के लिए जल संसाधन विभाग द्वारा कतराज कंस्ट्रक्शन, अंबिकापुर को 4 करोड़ 16 लाख 34 हजार 670 रुपए का वर्क ऑर्डर जारी किया गया। साथ ही नकना व्यपवर्तन योजना के वियर कार्य हेतु 4 करोड़ 21 लाख 89 हजार का वर्क ऑर्डर एचआरएसआर इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी अंबिकापुर को जारी किया गया था।
लेकिन ठेकेदार व अधिकारियों की मिलीभगत से अधूरा कार्य कर पूरी राशि का भुगतान हो गया। उक्त कार्य से कुल 548 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई होनी थी, लेकिन अधूरे कार्य के कारण इसका लाभ ग्रामीणों को नहीं मिल पा रहा है।
आरटीआई कार्यकर्ता ने 24 अक्टूबर 2020 को इस मामले की जांच कर दोषी अधिकारियों व ठेकेदार पर कार्रवाई की मांग की थी।
राजधानी से आया जांच करने का आदेश
छत्तीसगढ़ शासन जल संसाधन विभाग मंत्रालय महानदी भवन अटल नया रायपुर के विशेष कत्र्तव्यस्थ अधिकारी द्वारा मुख्य अभियंता हंसदेव गंगा कछार जल संसाधन विभाग रायपुर को विस्तृत जांच कर जांच प्रतिवेदन देने का आदेश दिया गया है।