
लखनपुर। सरगुजा जिले की ग्राम पंचायत केवरी इन दिनों नशामुक्ति की अनूठी मुहिम को लेकर चर्चा में है। यहां पंचायत के जनप्रतिनिधियों, ग्राम सुधार समिति, महिलाओं, युवाओं और ग्रामीणों ने मिलकर 20 अगस्त से गांव को पूरी तरह नशामुक्त बनाने का अभियान शुरू किया है। पंचायत की इस पहल के तहत अब शराब पीना, पिलाना और शराब बनाना (Drink and make liquor) ही नहीं, बल्कि नशे की हालत में गांव में आने पर भी जुर्माना निर्धारित किया गया है। गांव में लगातार रैली निकालकर लोगों को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक किया जा रहा है। वहीं ग्राम सुधार समिति के सदस्य घर.घर पहुंचकर ग्रामीणों को शराब एवं अन्य नशे से दूर रहने की समझाइश दे रहे हैं। अभियान में बड़ी संख्या में महिलाएं, युवा और पुरुष भी सक्रिय रूप से अपनी सहभागिता निभा रहे हैं।
लखनपुर विकासखंड के ग्राम पंचायत केवरी की ग्रामसभा में नशामुक्ति (Deaddiction in Kevari) को लेकर प्रस्ताव पारित किया गया है। इसके बाद पंचायत की ओर से सूचना पत्र जारी कर ग्रामीणों को निर्धारित जुर्माने की जानकारी दी जा रही है। इसके अनुसार शराब पीने पर 5 हजार रुपए, शराब पिलाने और बनाने पर 5 हजार रुपए तथा शराब पीकर गांव में आने पर 3 हजार रुपए का जुर्माना निर्धारित किया गया है।
सरपंच मनिजर राम और ग्रामीणों का कहना है कि गांव में लगातार यह देखने को मिल रहा था कि कई लोग शराब (Liquor) के नशे में अपना जीवन बर्बाद कर रहे हैं। नशे के कारण घरों में आए दिन विवाद और लड़ाई-झगड़े की स्थिति बन रही थी, जिससे कई परिवार बर्बादी के कगार पर पहुंच गए थे।
इसी को देखते हुए ग्रामीणों और पंचायत प्रतिनिधियों ने गांव को पूरी तरह नशामुक्त बनाने का निर्णय लिया। सरपंच का कहना है कि पंचायत को नशामुक्त बनाने के लिए हरसंभव प्रयास किया जाएगा और ग्रामीणों को जागरूक करने के साथ नशे के खिलाफ सामाजिक स्तर पर भी अभियान जारी रहेगा।
केवरी में चल रही इस मुहिम को ग्रामीणों का भी सकारात्मक समर्थन मिल रहा है। रैली और समझाइश के दौरान ग्रामीणों द्वारा इस निर्णय का स्वागत करते हुए लोगों को फूल-माला पहनाकर नशे से दूर रहने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। महिलाओं की बढ़ती भागीदारी भी इस अभियान की खासियत बनी हुई है। ग्राम पंचायत केवरी (Kevari Panchayat) की यह मुहिम नशे पर यदि प्रभावी अंकुश लगाने में सफल हुई तो यह अन्य पंचायतों समेत जिलेभर के लिए भी मिसाल बन जाएगी।