ग्राम केवड़ासीला में किसान की बकरी ने दिया 2 बच्चों को जन्म, एक सामान्य जबकि दूसरी के हैं 8 पैर, दोनों पूरी तरह से स्वस्थ, लोग पहुंच रहे किसान के घर
अंबिकापुर/रामानुजगज. कुदरत का करिश्मा भी कभी-कभी अजीब होता है जिसे सुनने के बाद तो विश्वास नहीं होता, लेकिन देख लेने के बाद व्यक्ति हक्का-बक्का रह जाता है। कुछ ऐसा ही बलरामपुर जिले के आरागाही से लगे ग्राम कृष्णनगर के केवड़ासीला स्थित किसान के घर हुआ। किसान की बकरी ने 2 बच्चों को जन्म दिया। एक तो सामान्य है जबकि दूसरी के 8 पैर हैं। इसे देखने लोगों की भीड़ जुट रही है।
बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के अंबिकापुर मार्ग पर स्थित ग्राम कृष्णनगर, केवड़ासीला निवासी दयाशंकर यादव ने गाय-भैंसों के साथ ही बकरियां भी पाल रखी हैं। गुरुवार की शाम उसकी एक बकरी ने 2 बच्चों को जन्म दिया। किसान ने जब देखा कि एक बच्चा तो सामान्य है लेकिन दूसरे बच्चे को देखकर वह हक्का-बक्का रह गया। उसके 8 पैर थे। उसने सबसे पहले यह बात अपने घरवालों को बताई। धीरे-धीरे यह बात जंगल में लगी आग की तरह पूरे गांव में फैल गई। खबर मिलते ही लोग किसान के घर बकरी के इस बच्चे को देखने पहुंचने लगे।
गुरुवार की शाम से लोगों की उमड़ रही भीड़ शुक्रवार को भी जारी रही। गांव के अलावा जिले से दूर-दराज से लोग बकरी के बच्चों को देखने जुटने लगे। जो भी बच्चे को देखता वह अपनी आंखों पर विश्वास नहीं कर पाता। यह घटना क्षेत्र में कौतुहल का विषय बन गई है। किसान भी बकरी के बच्चे को गोद में लेकर सबको कुदरत का यह करिश्मा दिखा फिर रहा है।
जिस दयाशंकर को उसके गांव सहित आस-पास के गांवों के लोग पहचानते थे उसे अब जिले के दूर-दराज के लोग भी नाम से जानने लगे है। इधर मामले में दयाशंकर का कहना है कि बकरी के दोनों बच्चे पूरी तरह स्वस्थ हैं। पशु चिकित्सकों का कहना है कि यह सामान्य घटना नहीं है। इस तरह की घटना बहुत कम देखने को मिलती है। जिस तरह इंसान के बच्चों में विकृति के बाद जीने की उम्मीद कम रहती है वैसे ही मवेशियों के ऐसे बच्चों के भी जीवित रहने की संभावना काफी कम रहती है।
जेनेटिक एब्नॉर्मलिटी है वजह
पशु चिकित्सक डा. सीके मिश्रा का कहना है कि ऐसा जेनेटिक एब्नॉर्मलिटी की वजह से होता है। ऐसे बच्चों के जीने की संभावना काफी कम रहती है।