अंबिकापुर

100 शिक्षाकर्मियों को अल्टीमेटम, 3 दिन के भीतर काम पर नहीं लौटे तो होंगे बर्खास्त

जिला पंचायत सीईओ ने सरगुजा जिले के विभिन्न ब्लॉक में पदस्थ शिक्षाकर्मियों को जारी की नोटिस, पांचवें दिन भी जारी रही हड़ताल

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ShikshaKarmi on strike
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अंबिकापुर. नियमितिकरण व संविलियन सहित अपनी 9 सूत्रीय मांगों को लेकर शिक्षाकर्मी पांचवे दिन भी हड़ताल पर रहे। पंडाल में आंदोलनकारियों ने हवन व आरती कर सरकार के सद्बुद्धि मिलने की कामना की। वहीं सरकार की सख्ती के बाद जिला पंचायत कार्यालय द्वारा स्वैच्छिक रूप से विद्यालय में विद्यादान करने वाले युवाओं के लिए सोमवार को वाक-इन-इंटरव्यू का आयोजन किया गया है।

जिला पंचायत उपाध्यक्ष ने मोबाइल पर ही शिक्षाकर्मियों के हड़ताल का समर्थन करते हुए किसी भी शिक्षक पंचायत के बर्खास्तगी की अनुशंसा नहीं करने की बात कही है। इधर जिला पंचायत सीईओ द्वारा 100 शिक्षाकर्मियों को नोटिस जारी कर कहा है कि यदि वे 3 दिन के भीतर काम पर नहीं लौटते हैं तो उनके खिलाफ बर्खास्तगी की कार्रवाई की जाएगी।


भाजपा के अनुसूचित जनजाति मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष व सामरी विधानसभा के पूर्व विधायक सिद्धनाथ पैंकरा ने शंकरगढ़ में धरनास्थल पर पहुंचकर शिक्षाकर्मियों को संबोधित करते हुए कहा कि जब बरामर काम करना है तो उसका पगार भी बराबर होना चाहिए। शिक्षाकर्मी अपने मांगों को लेकर पिछले पांच दिनों से हड़ताल पर डटे हुए हैं। दूसरी तरफ सरकार इस मामले में सख्त रवैया अपनाई हुई है।

शिक्षाकर्मी शुक्रवार को धरनास्थल पर हवन व आरती कर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान शंभूरतन वर्मा ने कहा कि हम यहां पर आने वाली पीढी के लिए अच्छी शैक्षणिक, न्याययुक्त व्यवस्था के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि बीएड़ व डीएड़ प्रशिक्षणार्थियों द्वारा भी आंदोलन का समर्थन करेंगे। धरनास्थल पर शिक्षक पंचायत के जिला संचालक मनोज वर्मा द्वारा जिला पंचायत उपाध्यक्ष प्रभात खलखो से मोबाइल पर चर्चा की गई।

जिला पंचायत उपाध्यक्ष द्वारा मोबाइल पर ही शिक्षाकर्मियों के खिलाफ किसी भी प्रकार की निलंबन या बर्खास्तगी की कार्रवाई नहीं करने की अनुशंसा नहीं की जाएगी। इसके साथ ही धरना स्थल पर छत्तीसगढ़ दिव्यांग एकता संघ के प्राध्यापक सुमन्त कुमार प्रजापति द्वारा शिक्षाकर्मियों के मांगों का समर्थन करने का ऐलान किया गया।

अखिल भारतीय आंगन बाड़ी कर्मचारी महासंघ की अध्यक्ष रीता एक्का ने भी शिक्षाकर्मियों के हड़ताल का समर्थन किया। इस दौरान सर्वजीत पाठक, कंचनबाला श्रीवास्तव, पुष्पा सिंह, नीलम शर्मा, प्रीति सिंह, संध्या ताम्रकार, सरिता मिश्रा, शारदा बड़ा, उमेश पाण्डेय, निर्झर मंदिलवार सहित अन्य शिक्षाकर्मी उपस्थित थे।


फिर जारी हुई नोटिस
जिला पंचायत सीईओ अनुराग पाण्डेय द्वारा विभागीय निर्देशानुसार परिवीक्षाधीन शिक्षक पंचायत संवर्ग कर्मचारियों को पदस्थापना विद्यालय में अपने कर्तव्य पर उपस्थित होने हेतु नोटिस जारी की गई है। जिला पंचायत कार्यालय द्वारा परिवीक्षाधीन कुल 54 व्याख्याता पंचायत एवं 5 शिक्षक पंचायत कर्मचारियों को 3 दिन के भीतर अपने कर्तव्य पर उपस्थित होने हेतु निर्देशित कर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने हेतु नोटिस जारी किया गया है।

अंबिकापुर के 7, लखनपुर के 6, उदयपुर के 10, लुण्ड्रा के 14, बतौली के 9, सीतापुर के 6 एवं मैनपाट विकासखंड के 2 व्याख्याता पंचायत को नोटिस जारी किया गया है। इसी प्रकार उदयपुर के 1, लुण्ड्रा के 2, सीतापुर के 1 एवं मैनपाट के 1 शिक्षक पंचायत कर्मचारियों को जिला पंचायत कार्यालय द्वारा नोटिस जारी किया गया है।

सीईओ द्वारा लगभग 100 परिवीक्षाधीन एवं नियमितिकरण नहीं किए गए सहायक शिक्षक पंचायत कर्मचारियों को अपने कर्तव्य पर उपस्थित होने हेतु नोटिस जारी किया गया है।


कार्रवाई के डर से सहमे थे शिक्षाकर्मी
आंदोलन की अनुमति के लिए तंबू लगाने की अनुमति जिला प्रशासन द्वारा गुरुवार तक ही दी गई थी। इसके बाद तिथि बढ़ाने हेतु शिक्षाकर्मी संघ द्वारा आवेदन किया गया था, लेकिन प्रशासन द्वारा इसपर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई थी। इसकी वजह से शुक्रवार को शिक्षाकर्मी सुबह से तंबू उखडऩे तथा बर्खास्तगी की कार्रवाई को भी लेकर शिक्षाकर्मी सहमे हुए थे।

Published on:
24 Nov 2017 09:29 pm