
बतौली. एनएच-43 की जर्जर हालत को लेकर स्थानीय लोग शनिवार को एकजुट होकर जनपद कार्यालय पहुंचे। यहां इस समस्या को लेकर एसडीएम अतुल शेटे, तहसीलदार, टीआई अविनाश सिंह व एनएच के एसडीओ नितेश तिवारी की उपस्थिति में एक बैठक आयोजित की गई। बैठक के दौरान पूछे गए सवाल का संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर लोग नाराज हो गए और एनएच के एसडीओ को बाहर जाने को कह दिया। इस पर एसडीओ बाहर चले गए।
एनएच की जर्जर हालत को लेकर बतौलीवासियों में काफी नाराजगी है। इस मार्ग पर आवागमन काफी मुश्किल हो गया है। लोगों का आक्रोश बढ़ता देख शनिवार को प्रशासन व स्थानीय निवासियों की बैठक जनपद कार्यालय में हुई। इसमें लोगों ने बताया कि एनएच की वर्तमान हालत काफी खराब है, बच्चों को स्कूल जाने में काफी परेशानी हो रही है।
सड़क की ऐसी बदहाल स्थिति में किसी गर्भवती महिला व अन्य किसी गंभीर मरीज को अंबिकापुर अस्पताल ले जाया ही नहीं जा सकता है। हर दिन जाम लग रहा है, ऐसे में चिरगा मोड़ से कालीपुर करजी जाने वाली सड़क जो अंबिकापुर मिलाती है, इसमें सिर्फ चार पहिया वाहन ही चलाई जाए व बेरिकेट्स भी लगे।
वहीं बिलासपुर से बरगीडीह, चिरगा मोड़ करजी मार्ग पर कई गड्ढे हैं, उन्हें भरा जाए। इस दौरान एसडीएम ने कहा कि बतौली का एरिया महज तीन किलोमीटर है, अगर मौसम खुलने पर डामरीकरण का काम हो जाए तो लोगों को समस्या से निजात मिल जाएगी।
एनएच के एसडीओ ने बताया कि सड़क के गड्ढों को भरने का काम शुरू कर दिया गया है, एक-डेढ़ माह में सड़क चलने योग्य बना दी जाएगी। वहीं टीआई अविनाश सिंह ने बताया कि मार्ग पर व्यवस्था सुचारू रखने पुलिस द्वारा हर संभव पहल की जा रही है।
एसडीओ की सफाई पर भड़के
लोगों ने खस्ताहाल एनएच से हो रही परेशानी के संबंध में जब एसडीओ से जवाब मांगा तो उन्होंने कहा कि हम क्या करें, पेड़ ही कटवा सकते हैं। यह सफाई लोगों को नागवार गुजरी और उन्होंने एसडीओ को बैठक से बाहर जाने को कहा। इस पर एसडीओ उठकर बाहर चले गए।
कंपनी पर होनी चाहिए एफआईआर
बैठक के दौरान लोगों ने निर्माण कंपनी पर जमकर नाराजगी जाहिर की। लोगों ने कहा कि अगर कोई आम आदमी चक्काजाम करता है तो उस पर एफआईआर हो जाती है। वहीं जीवीआर कंपनी ने काम में इतनी अनियमितता बरती तो आखिर उसके खिलाफ एफआईआर क्यों नहीं की गई।