अंबिकापुर

Video : अटल की अस्थि कलश यात्रा में उमड़ा हुजूम, महिलाओं ने शहर में रास्ते भर की फूलों की बारिश

अस्थि कलश यात्रा में शामिल हुए सैकड़ों भाजपाई, घड़ी चौक पर आयोजित की गई श्रद्धांजलि सभा फिर खर्रा नदी में हुआ विसर्जन
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Updated: 23 Aug 2018, 7:20 PM IST
Atal's bone kalash yatra
Atal's bone kalash tour

अंबिकापुर. पूर्व प्रधानमंत्री व भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी का अस्थि कलश बुधवार की दोपहर 3 बजे सरगुजा संभाग के प्रभारी रामविचार नेताम के नेतृत्व में रायपुर से अंबिकापुर पहुंची। यहां बिलासपुर चौक पर सैकड़ों भाजपा नेताओं ने अस्थि कलश के दर्शन किए। इसके बाद शहर में अस्थि कलश यात्रा निकाली गई।

आगे-आगे अटल प्रार्थना रथ व पीछे भाजपाइयों व अन्य लोगों का हुजूम था। शहर में रास्ते भर महिलाएं सड़क किनारे हाथों में फूल लिए खड़ी थीं। जैसे-जैसे रथ गुजरता गया, महिलाएं व युवतियां फूलों की बारिश करती रहीं। इस दौरान जगह-जगह लोगों ने अस्थि कलश के दर्शन भी किए।

अस्थि कलश यात्रा बिलासपुर चौक से निकलकर अग्रसेन चौक, सदर रोड, महामाया चौक, संगम चौक, देवीगंज रोड होती हुई घड़ी चौक स्थित श्रद्धांजलि सभा में पहुंची। यहां राज्यसभा सांसद रामविचार नेताम, भाजपा प्रदेश मंत्री अनुराग सिंहदेव, भाजपा जिलाध्यक्ष अखिलेश सोनी, वरिष्ठ भाजपा नेता अनिल सिंह मेजर,

भाजपा जिला उपाध्यक्ष अंबिकेश केशरी, निगम नेता प्रतिपक्ष जन्मेजय मिश्रा, हरपाल सिंह भामरा, जिला पंचायत अध्यक्ष फूलेश्वरी सिंह, पूर्व महापौर प्रबोध मिंज, भाजपा नगर अध्यक्ष विद्यानंद मिश्रा, ललन प्रताप सिंह, संतोष दास, विनोद हर्ष, पार्षद मधुसूदन शुक्ला, हरमिंदर सिंह टिन्नी, आलोक दुबे, मनोज कंसारी, श्वेता गुप्ता,

अल्पना मिश्रा, भाजपा महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष मंजूषा भगत, प्रदेश मंत्री महिला मोर्चा अरुणा सिंह, भारत सिंह सिसोदिया, अनिल जायसवाल, शैलेष सिंह, तजिंदर सिंह बग्गा, निश्चल सिंह, निरंजन राय समेत सैकड़ों की संख्या में भाजपाइयों ने श्रद्धांजलि अर्पित की।

यहां से अस्थि कलश यात्रा गुदरी चौक, गुरुनानक चौक, लरंगसाय चौक, रिंग रोड होती हुई घुनघुट्टा स्थित खर्रा नदी पहुंची। यहां विधि-विधान से अस्थियों का विसर्जन किया गया।

देश के लिए कर दिया पूरा जीवन समर्पित
श्रद्धांजलि सभा में रामविचार नेताम ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने देश के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया। सरगुजा से उनका विशेष लगाव था। उनके निधन के बाद हर कोई दिल्ली जाकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करना चाहता था लेकिन यह संभव नहीं था।

इसलिए उनके परिजन व पार्टी की सहमति के बाद यह निर्णय लिया गया कि देश के सभी छोटे-बड़े नदियों में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की अस्थियों को प्रवाहित किया जाएगा। ताकि लोग अस्थि कलश के माध्यम से अटल बिहारी को स्पर्श कर सकें।

सरगुजा को किया माओवाद मुक्त
भाजपा प्रदेश मंत्री अनुराग सिंहदेव ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी अपने निर्णयों पर अटल रहने वाले व्यक्ति थे। जिनके आदर्शों पर चलना हम सब के लिए सौभाग्य की बात है। संभाग में अस्थि कलश श्रद्धांजलि यात्रा की जवाबदारी राज्यसभा सांसद रामविचार नेताम को दी गई है।

अटल बिहारी वाजपेयी को सरगुजा के लोग याद करेंगे क्योंकि आज जो सरगुजा का विकास दिख रहा है वह अटल बिहारी वाजपेयी की देन है। महात्मा गांधी के बाद अगर किसी राजनेता ने ग्रामीण विकास के बारे में सोचा तो वह हम सभी के प्रेरणाश्रोत अटल बिहारी वाजपेयी ने। सड़कों को जाल गांव-गांव तक पहुंचाकर अटल बिहारी ने शहर व गांव की दूरी कम की।


दलगत राजनीति से ऊपर उठकर सबको अपनाया
भाजपा जिलाध्यक्ष अखिलेश सोनी ने कहा कि पूरे देश के लिए अटल बिहारी वाजपेयी प्रेरणा श्रोत थे। उन्होंने दलगत राजनीति से ऊपर उठकर सभी को अपनाया। उन्होंने अपने पूरे जीवन को कविता के माध्यम से प्रस्तुत किया।

वर्ष 2003 में अटल बिहारी वाजपेयी जब अंबिकापुर के पीजी कॉलेज मैदान में आए थे तो उन्होंने कहा था कि सरगुजा को माओवाद मुक्त करेंगे और उन्होंने यह कर दिखाया।

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