अंबिकापुर

छत्तीसगढ़ के शिमला में भालू ने घर लौट रहे ग्रामीण को मार डाला, शरीर पर मिले पैने नाखूनों के निशान

Bear attack: मवेशियों को चराकर लौट रहा था घर, अचानक भालू ने कर दिया हमला, इधर वन विभाग ने हाथियों से बचने लगाया बैरियर
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Bear attack
Bear attack

अंबिकापुर. मैनपाट के डांडकेसरा के जंगल में मवेशी चराने गए एक ग्रामीण की मंगलवार को भालू के हमले (Bear attack) में मौत हो गई। वन विभाग ने मामले को संज्ञान में लेते हुए मृतक के परिजन को मुआवजा भी वितरीत किया है। वहीं वन विभाग कापू-कुम्हरता मार्ग पर हाथी प्रभावित क्षेत्र का बोर्ड लगाकर लोगों को जागरूक किया जा रहा है।

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मैनपाट के ग्राम डांडकेसरा निवासी 45 वर्षीय चिंता यादव मंगलवार की सुबह जंगल में मवेशी चराने गया था। शाम को वह मवेशियों को लेकर घर लौट रहा था। इसी दौरान जंगल से निकलकर एक भालू (Bear attack) ने उसपर हमला कर दिया।

भालू से बचने वह काफी देर तक उससे लड़ता रहा लेकिन भालू (Bear attack) ने अपने पैने नाखूनों से उसके चेहरे, सिर, कुल्हे, पेट को नोंच डाला। इससे मौके पर ही ग्रामीण की मौत हो गई। वन विभाग ने मामले में मुआवजा वितरण करने के लिए प्रकरण तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।


हाथी से बचने रास्ता बंद कर लगाया बोर्ड
कापू-कुम्हरता मार्ग पर आए दिन हाथियों (Elephants) के मार्ग पर आ जाने की वजह से आवागमन प्रभावित होता रहता था। ऐसे में लोगों को समझाइश देने वन विभाग द्वारा इस मार्ग पर नाका लगाकर बोर्ड लगाया गया है ताकि कोई भी ग्रामीण इस मार्ग से न गुजर सके। बोर्ड पर लिखा है कि इस मार्ग पर अभी हाथी हैं कृप्या दूसरे मार्ग से आवागमन करें।

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Published on:
25 Jul 2019 05:36 pm