अंबिकापुर

CG village: कलेक्टर साहब! हम लोग आज भी पी रहे हैं ढोढ़ी का गंदा पानी, गांव में सीसी सडक़ भी नहीं

CG village: ग्राम पंचायत कोरिमा के आश्रित गांव बांसा के लोगों ने प्रशासन से लगाई गुहार, 50 परिवार के गांव में 266 लोग हैं निवासरत, रात में बीमार पडऩे पर मुख्य सडक़ तक भी पहुंचना होता है मुश्किल

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अंबिकापुर. CG village: जिला मुख्यालय अंबिकापुर से लगे ग्राम पंचायत कोरिमा के आश्रित ग्राम बांसा के लोग सडक़, पानी जैसी मूलभूत आवश्यकताओं की कमी से जूझ रहे हैं। यहां के लोग आज भी ढोढ़ी का पानी पीने को विवश हैं। बारिश के दिनों में ढोढ़ी के पानी पीने से लोग बीमार हो रहे हैं। वहीं ग्राम बांसा में सडक़ भी नहीं है। पक्की सडक़ नहीं होने के कारण लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। परेशान ग्रामीण महिलाओं ने मंगलवार को कलेक्टोरेट पहुंचकर मूलभूत आवश्यकताओं की कमी को दूर करने की मांग कलेक्टर से जनदर्शन में की है। महिलाओं का कहना है कि पक्की सडक़ नहीं होने से बारिश के दिनों में आवागमन पूरी तरह बंद हो जाता है। बाइक तक घर तक नहीं पहुंच पाती है।


शहर से करीब 5 किमी दूर ग्राम पंचायत कोरिमा के आश्रित ग्राम बांसा की महिलाएं मंगलवार को कलेक्टोरेट पहुंचीं और जनदर्शन में कलेक्टर के समक्ष अपनी बातें रखीं। ग्रामीणों ने ज्ञापन के माध्यम से कलेक्टर को अवगत कराया कि शहर के करीब रहने के बावजूद भी मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। पीने के लिए साफ पानी नहीं मिल रहा है।

हम आज भी कुएं व ढोढ़ी का पानी पीने मजबूर हैं। वहीं कच्ची सडक़ होने से आवागमन में काफी परेशानी होती है। बच्चे स्कूल जाने के दौरान कच्ची सडक़ पर फिसलकर गिर जाते हैं।

ग्रामीण महिलाओं ने कलेक्टर से आग्रह करते हुए कहा है कि हमारे गांव में कम से कम हैंडपंप व पक्की सडक़ की व्यवस्था करा दें। ताकि हम लोगों को शुद्ध पानी पीने के लिए मिल सके।

266 लोग करते हैं निवासरत

ग्रामीण महिलाओं ने बताया कि ग्राम बांसा में 50 घर हंै और 266 लोग निवासरत हैं। इन सभी परिवारों को अभी पानी व सडक़ जैसी कमी से जूझना पड़ रहा है। कलेक्टर जनदर्शन में शिकायत करने वालों में रानी दास, चम्पा, बिन्दु बेक, तिलकुमारी, देव कुमारी दास, अनीता दास, सीमा, राजमुनी, पुष्पा, मुजू दास सहित अन्य महिलाएं शामिल रहे।

नल जल योजना का भी अता-पता नहीं

नल-जल योजना के बारे में पत्रकारों द्वारा पूछने पर महिलाओं ने बताया कि गांव में केवल नल लगाया गया है। लेकिन अब तक गांव में पानी नहीं पहुंचा है। गांव में हैंडपंप की भी सुविधा नहीं है। हम कुएं व ढोढ़ी का पानी पीने को मजबूर हैं। महिलाओं ने बताया कि समस्याओं से कई बार जनप्रतिनिधियों को अवगत करा चुके हैं, इसके बावजूद भी कोई पहल नहीं की गई है।

रात में बीमार पडऩे पर सडक़ से जाना मुश्किल

जनदर्शन में पहुंचीं ग्राम बांसा की महिलाओं ने बताया कि मुख्य सडक़ की स्थिति ठीक है पर गांव के अंदर विभिन्न मोहल्लों में कच्ची सडक़ है। वहां सीसी रोड की व्यवस्था आज तक नहीं की गई है। गर्मी के दिनों में कोई विशेष परेशानी नहीं होती है पर बारिश के दिनों में मुख्य सडक़ तक जाना मुश्किल हो जाता है।

बच्चों को स्कूल आने-जाने में भी परेशानी होती है। बच्चे फिसल कर गिर जाते हैं। वहीं बीमार पडऩे पर लोगों को झेलगी में ढोकर मुख्य सडक़ तक लाना पड़ता है।

Published on:
10 Jul 2024 04:44 pm
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