
Interstate narcotic injections suppliers arrested (Photo- Patrika)
अंबिकापुर. संभागीय आबकारी उडऩदस्ता टीम को एक और बड़ी सफलता मिली है। नशे के कारोबारी अंतरराज्यीय गिरोह के 3 सदस्यों को गिरफ्तार (Interstate gang arrested) किया है। इसमें नशीले इंजेक्शन का मुख्य सप्लायर रंजीत विश्वकर्मा भी शामिल है। इन तीनों का नाम दो दिन पूर्व पकड़ में आए तस्करों ने लिया था। इन्हीं की निशानदेही पर आबकारी उडऩदस्ता टीम ने डीआईजी सरगुजा से साइबर सेल की मदद मांग कर कार्रवाई की है। आबकारी टीम ने तीनों आरोपियों को १५०० नशीले इंजेक्शन के साथ रामानुजगंज से गिरफ्तार किया है। जब्त नशीले इंजेक्शन की कीमत साढ़े ७ लाख रुपए बताई जा रही है।
सहायक जिला आबकारी अधिकारी रंजीत गुप्ता ने बताया कि संभागीय उडऩदस्ता टीम ने 30 जनवरी को गोदरमाना झारखंड निवासी अनूप गुप्ता एवं बतौली सरगुजा निवासी विनय गुप्ता को 1200 नग नशीले इंजेक्शन के साथ बतौली थाना क्षेत्र से गिरफ्तार (Interstate gang arrested) किया था। दोनों जीजा-साला हैं।
उडऩदस्ता टीम द्वारा पूछताछ किए जाने पर आरोपी अनूप गुप्ता ने उक्त नशीले इंजेक्शन झारखंड के गढ़वा जिले के रंजीत विश्वकर्मा से खरीदना बताया था। इस कार्य के लिए रंजीत विश्वकर्मा के 2 सहयोगी मंजूर अंसारी और प्रमोद भी शामिल हैं। ये तीनों नशीले इंजेक्शन के मुख्य सप्लायर (Interstate gang arrested) के रूप में काम कर रहे हैं।
तीनों मुख्य तस्करों की गिरफ्तारी को लेकर सहायक जिला आबकारी अधिकारी ने डीआईजी राजेश अग्रवाल से साइबर सेल की मदद मांगी। साइबर सेल की मदद से आबकारी उडऩदस्ता टीम (Interstate gang arrested) ने गढ़वा के तीनों तस्कर रंजीत विश्वकर्मा, मंजूर अंसारी एवं प्रमोद का मोबाइल लोकेशन के आधार पर 31 जनवरी की शाम को पलटन घाट रामानुजगंज से गिरफ्तार किया है।
टीम ने इनके कब्जे से 1500 नग नशीले इंजेक्शन (Interstate gang arrested) भी जब्त किए हैं। ये तीनों बाइक से नशीले इंजेक्शन को सप्लाई करने आए थे। जब्त नशीले इंजेक्शन की कीमत 7.50 लाख रुपए बताई जा रही है। आबकारी उडऩदस्ता टीम ने तीनों आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई कर जेल दाखिल कर दिया है।
सहायक जिला आबकारी अधिकारी ने कहा कि यह कार्रवाई साइबर सेल की मदद के बिना संभव नहीं था। डीआईजी राजेश अग्रवाल ने सहयोग कर साइबर सेल की मदद दिलाई तभी अंतरराज्यीय मुख्य तस्करों (Interstate gang arrested) को गिरफ्तार कर पाया।
साइबर सेल में मुख्य रूप से अजीत मिश्रा, भोजराज पासवान, जितेश साहू, विकास सिन्हा, लीना तिर्की एवं आबकारी उडऩदस्ता टीम के अशोक सोनी, गणेश पांडेय, रणविजय सिंह, ओम प्रकाश गुप्ता, चंद्रावती एवं नीरज चौहान की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
सहायक जिला आबकारी अधिकारी ने बताया कि रंजीत विश्वकर्मा व उसके दोनों साथियों की गिरफ्तारी से सरगुजा संभाग में 50 प्रतिशत नशीले इंजेक्शन के अवैध कारोबार (Interstate gang arrested) पर रोक लग सकता है। रंजीत गुप्ता एक बड़ा सप्लायर था, जबकि मंजूर अंसारी एवं प्रमोद नशीले इंजेक्शन को पहुंचाने का काम करते थे।
Published on:
01 Feb 2026 08:24 pm

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