पुलिस पर पक्षपात का आरोप लगाते हुए काफी संख्या में कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने थाने का किया घेराव, राजनीतिक माहौल हुआ गर्म
अंबिकापुर. प्रतापपुर थाने में शुक्रवार की रात 4 कांग्रेस कार्यकर्ताओं समेत अन्य 10 के खिलाफ डकैती का अपराध दर्ज किया गया है। भाजपा एवं कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच ग्राम पोडि़पा में हुए मारपीट के मामले में दोनों पक्षों ने आवेदन थाने में दिया था। पुलिस ने कांग्रेस के आवेदन को गंभीरता से न लेते हुए भाजपाइयों के आवेदन पर एफआईआर दर्ज कर ली।
इसके बाद इलाके में राजनीतिक माहौल गरमा गया है। कांग्रेसियों ने पुलिस की इस कार्रवाई को गृहमंत्री रामसेवक पैंकरा के दबाव में आकर करना बताया है। विरोध जताते हुए कांगे्रसियों ने शनिवार की दोपहर प्रतापपुर थाने का घेराव भी किया।
वे गृहमंत्री के पीए अशोक गुप्ता, संतोष सिंह व अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की। शनिवार की शाम तक पुलिस ने कांग्रेसियों के आवेदन पर एफआईआर दर्ज नहीं किया, इसलिए पुलिस को कार्रवाई को संदेहास्पद माना जा रहा है।
गौरतलब है कि शुक्रवार की रात गृहमंत्री के पीएम अशोक साव पिता विजय साव ग्राम पोडि़पा स्थित एक घर में बैठे थे। इसी दौरान दर्जनभर से अधिक कांग्रेसी कार्यकर्ता पहुंचे और उनके साथ मारपीट की। इस मामले में रात को ही अशोक साव ने विपिन जायसवाल, नैमुद्दीन खान, शिवकुमार जायसवाल, राजबलि व अन्य 10 के खिलाफ प्रतापपुर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
इस मामले में पुलिस ने सभी के खिलाफ धारा 147, 294, 323, 395 व 452 का अपराध दर्ज कर लिया था। इस मामले ने उस समय तूल पकड़ लिया जब शनिवार की दोपहर काफी संख्या में कांग्रेसियों ने नारेबाजी करते हुए प्रतापपुर थाने का घेराव कर दिया।
उनका आरोप था कि गृहमंत्री की शह पर पुलिस ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है, जबकि रात में दोनों पक्षों के बीच मारपीट हुई थी और उन्होंने भी थाने में आवेदन दिया था। इस दौरान थाने में गहमागहमी की स्थिति बनी रही। बात में कुछ कांग्रेस पदाधिकारियों को छोड़कर पुलिस ने सभी को थाना परिसर से बाहर जाने कहा।
इसके बाद पुलिस ने कांग्रेसियों से चर्चा की। शाम तक कांगे्रसियों के आवेदन पर गृहमंत्री के पीए अशोक गुप्ता, संतोष सिंह व अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं की गई थी।
गृहमंत्री के खिलाफ भी एफआईआर की मांग
कांग्रेसियों ने शनिवार की शाम थाने में एक और आवेदन दिया है जिसमें उन्होंने गृहमंत्री के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की मांग की है। इनका आरोप है कि उन्होंने शुक्रवार को एक चुनावी सभा के दौरान कांग्रेसियों को गुंडा एवं आपराधिक प्रवृत्ति का बताया है। इसके बाद सभास्थल पर कांग्रेसियों ने गृहमंत्री के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की थी।
छावनी में तब्दील हुआ थाना
चुनाव के मद्देनजर हर विधानसभा क्षेत्र में काफी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है। कांग्रेसी जब मारपीट के मामले में पक्षपात को लेकर नारेबाजी करते हुए पहुंचे तो थाना परिसर में सीआईएसएफ के काफी संख्या में जवान पहुंच गए। इससे थाना छावनी में तब्दील हो गया था।
गृहमंत्री ने नहीं उठाया फोन
इस मामले में गृहमंत्री से बात करने की कोशिश की गई तो उन्होंने 2 बार कॉल कट कर दिया। इधर प्रतापपुर से कांग्रेस प्रत्याशी डॉ. प्रेमसाय सिंह भी मामले को लेकर थाने पहुंचे थे।
एकतरफा की गई है कार्रवाई
गृहमंत्री के दबाव में आकर पुलिस एकतरफा कार्रवाई कर रही है लेकिन हम और हमारे कार्यकर्ता पीछे नहीं हटेंगे। इसके लिए पूरी लड़ाई लड़ेंगे।
डॉ. प्रेमसाय सिंह, कांग्रेस प्रत्याशी