
Gangrape accused (Photo- Patrika)
अंबिकापुर। सरगुजा जिले के सीतापुर क्षेत्र की 2 आदिवासी किशोरियों के साथ हुई सामूहिक बलात्कार (Gang rape case) की घटना को लेकर भाजपा विधि प्रकोष्ठ ने एक बैठक का आयोजन किया। इसमें आरोपियों की पैरवी नहीं करने प्रकोष्ठ के अधिवक्ताओं ने निर्णय लिया। दरअसल 24 अप्रैल की रात शादी समारोह से लौट रही 4 नाबालिग लड़कियों को 8-9 लडक़ों ने पकड़ लिया था। इनमें से 2 किसी तरह भाग निकलीं थीं, लेकिन 2 लड़कियों के साथ अलग-अलग जगह पर सामूहिक बलात्कार किया था। इस मामले में पुलिस पर तत्काल कार्रवाई नहीं करने के भी आरोप लगे थे।
भाजपा सरगुजा के जिलाध्यक्ष भारत सिंह सिसोदिया के निर्देश पर भाजपा विधिक प्रकोष्ठ द्वारा आयोजित बैठक में उपस्थित अधिवक्ताओं एवं पदाधिकारियों ने घटना (Gang rape case) की कड़ी निंदा करते हुए पीडि़त बच्चियों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने दोषियों के विरुद्ध कठोरतम कानूनी कार्रवाई की मांग की।
भाजपा विधि प्रकोष्ठ के जिला संयोजक एवं अधिवक्ता जनमेजय पांडेय ने बताया कि हम सभी ने सर्व सहमति से पैरवी न करने का निर्णय लिया है। उन्होंने बताया कि अधिवक्ता उक्त जघन्य अपराध के आरोपियों (Gang rape case) की किसी भी प्रकार से न कानूनी सहायता करेंगे और न उनका केस लड़ेंगे।
बैठक में यह भी कहा गया कि इस प्रकार के अमानवीय कृत्य समाज में असहनीय हैं और ऐसे अपराधियों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए, जिससे भविष्य में इस तरह की घटनाओं (Gang rape case) की पुनरावृत्ति न हो।
भाजपा विधि प्रकोष्ठ ने प्रशासन से भी अपेक्षा की है कि मामले की निष्पक्ष एवं त्वरित जांच सुनिश्चित कर दोषियों को शीघ्र न्यायालय के माध्यम से दंडित कराया जाए। बता दें कि सामूहिक बलात्कार (Gang rape case) के मामले में पुलिस ने अब तक 3 नाबालिग व 3 युवकों को गिरफ्तार किया है। युवकों को जेल जबकि नाबालिग आरोपियों को बाल संप्रेक्षण गृह भेजा गया है।
Published on:
01 May 2026 09:14 pm
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